जोधपुर | राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर के चाँदपोल स्थित गौर क्षेत्र में 'गौर के राजा' विघ्नहर्ता गणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा बड़े ही धूमधाम और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस त्रिदिवसीय धार्मिक महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।
जोधपुर: 'गौर के राजा' की प्राण प्रतिष्ठा: जोधपुर: चाँदपोल में 'गौर के राजा' गणेश जी की प्राण प्रतिष्ठा
जोधपुर के चाँदपोल स्थित गौर में विघ्नहर्ता गणेश की मूर्ति की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई।
HIGHLIGHTS
- जोधपुर के चाँदपोल में 'गौर के राजा' गणेश जी की मूर्ति की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई।
- त्रिदिवसीय महोत्सव में वैदिक हवन, गणपति पूजन और मातृका पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान हुए।
- महिलाओं द्वारा कलश यात्रा और गायत्री आश्रम भजन मंडली द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया।
- रविवार को अभिजीत मुहूर्त में महाआरती के बाद भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया गया।
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वैदिक अनुष्ठान और त्रिदिवसीय महोत्सव
महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धा और वैदिक विधानों के साथ देवताओं को जगाकर उनका पूजन व हवन किया गया। इस दौरान गणेशजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ इन्डा, घंटा और ध्वज भी स्थापित किए गए।
पंडित सूर्य प्रकाश दाधीच 'मोनू' के आचार्यत्व में वेदपाठी पंडितों, रोहिशवाल और गोड़ ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी पूजन कार्य संपन्न कराए। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन गणपति पूजन, मातृका पूजन और सर्व पीठिका पूजन किया गया।
भव्य शोभायात्रा और जल कलश यात्रा
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धार्मिक आयोजनों की कड़ी में शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा गौर मैदान से शुरू होकर रामेश्वर मंदिर होते हुए तापड़िया बेरा पहुंची। यहाँ महिलाओं ने पवित्र जल कलशों को सिर पर धारण किया।
इस जलयात्रा के दौरान विशेष आरती और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं द्वारा भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या और महाप्रसादी का आयोजन
शनिवार की रात्रि को गायत्री आश्रम भजन मंडली द्वारा कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और ताजे फूलों की मालाओं से सजाया गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा।
रमेश बिस्सा ने जानकारी दी कि रविवार को अभिजीत मुहूर्त में भगवान का अभिषेक और प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद पूर्णाहुति और विशेष महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त उमड़े।
रविवार शाम को महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर बिशनसिंह सोढ़ा, भंवर सिंह सोढ़ा, नागेश्वर, विष्णुदत्त बिस्सा और राजेंद्र सिंह सोढ़ा जैसे गणमान्य जन उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं का उत्साह और जनभागीदारी
इस महोत्सव में सुनील त्रिवेदी, गजेंद्र सिंह, मंगलसिंह, जुगल गोयल और धीरेन्द्र सिंह सोढ़ा ने गणेश जी का विशेष अभिषेक कर पूजन किया। स्थानीय नागरिकों और गणमान्य जनों ने इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आयोजन में रणवीर सिंह कच्छवाह, योगेश्वर त्रिवेदी, भरत चौधरी और पपसा गाँधी सहित कई युवाओं ने व्यवस्थाएं संभाली। महिलाओं में सरिता बिस्सा, प्रीति बिस्सा, उषा गाँधी और इंदु दाधीच ने सक्रिय भूमिका निभाई।
सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने 'गौर के राजा' के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह जोधपुर की धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक एकता का एक अनुपम उदाहरण बनकर उभरा है।
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