किशनगढ़ | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अवैध खनन के खिलाफ दिए गए कड़े आदेशों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि प्रदेश में अवैध खनन और माफियाओं के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में किशनगढ़ पुलिस और प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।
किशनगढ़ में बजरी माफिया पर बड़ी स्ट्राइक: किशनगढ़ में अवैध बजरी माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 1000 टन बजरी जब्त और मशीनें सीज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर किशनगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। गांधीनगर क्षेत्र में 1000 टन बजरी जब्त कर माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
HIGHLIGHTS
- किशनगढ़ के गांधीनगर थाना क्षेत्र में आठ स्थानों पर एक साथ छापेमारी।
- प्रशासन ने 1000 टन से अधिक अवैध बजरी का स्टॉक जब्त किया।
- कार्रवाई में एक डंपर और एक जेसीबी मशीन को भी किया गया सीज।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान।
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प्रशासन और पुलिस की संयुक्त स्ट्राइक
यह विशेष कार्रवाई एसडीएम किशनगढ़ रजत यादव और सीओ सिटी आईपीएस अजय सिंह राठौड़ के सक्षम नेतृत्व में की गई। आरपीएस भूपेंद्र के सुपरविजन में पुलिस, राजस्व और खनन विभाग की एक संयुक्त टीम तैयार की गई थी। इस टीम ने गांधीनगर थाना क्षेत्र में सक्रिय बजरी माफियाओं के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोला।प्रशासन ने पहले से ही अवैध बजरी भंडारण वाले संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर लिया था। इसके बाद पूरी योजनाबद्ध तरीके से एक साथ आठ अलग-अलग स्थानों पर अचानक दबिश दी गई। अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके के माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
1000 टन बजरी और भारी मशीनें सीज
कार्रवाई के दौरान रामनेर रोड, खुशी कॉलोनी, गजानंद कॉलोनी और रामदेव कॉलोनी सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सघन तलाशी ली गई। प्रशासन ने इन स्थानों से करीब 1000 टन से भी अधिक अवैध बजरी का स्टॉक जब्त किया है। यह बजरी बिना किसी वैध परमिट के जमा की गई थी।बजरी के विशाल स्टॉक के साथ-साथ, मौके से अवैध गतिविधियों में लिप्त एक डंपर और एक जेसीबी मशीन को भी सीज किया गया है। इन मशीनों का उपयोग बजरी की अवैध लोडिंग और परिवहन के लिए किया जा रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबार को बड़ा झटका लगा है।
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जीरो टॉलरेंस और सख्त कानूनी कार्रवाई
आईपीएस अजय सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अवैध खनन के खिलाफ कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि पर्यावरण और राजस्व की हानि को रोका जा सके।इस छापेमारी के दौरान तहसीलदार सज्जन कुमार लाटा, खनन अधिकारी रितुनाथ और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। खनन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध गांधीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रशासन की इस जीरो टॉलरेंस नीति ने माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं।