माउंट आबू | माउंट आबू में नगर पालिका ने बकाया किराए की वसूली के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार शाम को प्रशासन ने 14 केबिन और 6 दुकानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण इसे अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा।
माउंट आबू में सीलिंग पर बवाल: माउंट आबू: बकाया किराए पर 14 केबिन, 6 दुकानें सील
माउंट आबू नगर पालिका ने बकाया किराए को लेकर 14 केबिन और 6 दुकानें सील कीं। स्थानीय व्यापारियों और भाजपा के विरोध के बाद कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
HIGHLIGHTS
- माउंट आबू में बकाया किराए को लेकर नगर पालिका ने 14 केबिन और 6 दुकानें सील कर दीं।
- स्थानीय व्यापारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका की इस कार्रवाई का जोरदार विरोध किया।
- बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।
- अधिकारियों का कहना है कि बकाया किराया जमा करने पर सील हटा दी जाएगी।
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नगर पालिका की अचानक कार्रवाई
यह कार्रवाई नगर पालिका के राजस्व प्रभारी प्रभात चंदेल और महेंद्र बंजारा के नेतृत्व में शुरू की गई थी। प्रशासन द्वारा अचानक की गई इस कार्रवाई से केबिन धारकों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
देखते ही देखते मौके पर केबिन धारकों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया।
व्यापारियों और भाजपा का विरोध
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मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय भाजपा संगठन के मांगीलाल काबरा और सुनील आचार्य सहित कई भाजपा कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने केबिन धारकों के साथ मिलकर नगर पालिका के प्रतिनिधियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा कार्यकर्ताओं और केबिन धारकों ने नगर पालिका के प्रतिनिधियों से बात की और पालिका आयुक्त समेत अन्य उच्च अधिकारियों से फोन पर संपर्क साधा।
अस्थायी रूप से स्थगित हुई कार्रवाई
व्यापारियों और राजनीतिक दबाव के बाद, नगर पालिका के अधिकारियों ने सीलिंग की कार्रवाई को कुछ समय के लिए टालने का फैसला किया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नगर पालिका ने चार केबिनों को सील किया था, जिसके विरोध में आबू लघु व्यापार संघ के दुकानदार पिछले तीन दिनों से अपनी दुकानें बंद रखे हुए थे।
व्यापार संघ ने बताया अन्यायपूर्ण
आबू लघु व्यापार संघ के अध्यक्ष यश शर्मा ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि कई व्यापारियों ने अपना किराया जमा कर दिया है, जबकि कुछ का बकाया हो सकता है। उन्होंने कहा कि बंद केबिनों को सील करना सही नहीं है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
नगर पालिका के अधिकारियों, प्रभात चंदेल और महेंद्र बंजारा के अनुसार, मंगलवार को चार केबिन सील किए गए थे। गुरुवार को नौ अन्य केबिन और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की 6 दुकानों को सील किया गया।
इस प्रकार अब तक कुल 14 केबिन और 6 दुकानें सील की जा चुकी हैं। सभी सील की गई संपत्तियों पर बकाया किराया भरने का नोटिस भी लगा दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि केबिन धारक अपना बकाया किराया भर देते हैं, तो सील तुरंत हटा दी जाएगी।
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