नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय चिंतन बैठक करने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में इस बैठक का आयोजन प्रस्तावित है।
मोदी कैबिनेट की चिंतन बैठक: पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ चिंतन बैठक, बड़े फैसलों की तैयारी
पीएम मोदी अगले सप्ताह दो दिवसीय चिंतन बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सेवा तीर्थ में होने वाली इस बैठक में सरकार की प्राथमिकताओं और गवर्नेंस में सुधार पर चर्चा होगी।
HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री मोदी 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो दिवसीय चिंतन बैठक करेंगे।
- बैठक के लिए मंत्रियों के 6 से अधिक समूह बनाए गए हैं जो गवर्नेंस और आत्म-सुधार जैसे विषयों पर प्रस्तुति देंगे।
- इस कवायद को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के मध्य में मंत्रालयों के कामकाज की व्यापक समीक्षा माना जा रहा है।
- बैठक में 2021 के चिंतन शिविर की सिफारिशों और डिजिटल गवर्नेंस को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस रहेगा।
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इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के कामकाज, नीतियों के क्रियान्वयन और मंत्रालयों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही सरकार की आगे की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से मंथन किया जाएगा।
मंत्रियों के समूहों का गठन और तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों के छह से ज्यादा समूह बनाए हैं। प्रत्येक समूह में आठ मंत्रियों को शामिल किया गया है।
ये समूह मुख्य रूप से आत्म-सुधार, संवाद और गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी तैयारी करेंगे। बैठक के दौरान इन समूहों द्वारा विषयवार प्रस्तुति और चर्चा किए जाने की संभावना है।
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कामकाज की व्यापक समीक्षा
इस पूरी कवायद को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के मध्य चरण में मंत्रालयों के कामकाज की एक व्यापक समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
सभी मंत्रियों को इस दौरान दिल्ली में रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मंत्रालयों के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन किया जाएगा।
पुराने निर्देशों और सिफारिशों पर फोकस
बैठक में 2021 के चिंतन शिविर से जुड़ी सिफारिशों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालयों से पिछली बैठकों में तय किए गए बिंदुओं पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।
पिछली बैठकों में मंत्रालयों को लाइव डैशबोर्ड तैयार करने, नियमित प्रगति समीक्षा करने और कर्मचारियों से फीडबैक लेने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे।
जनभागीदारी और डिजिटल गवर्नेंस
प्रधानमंत्री मोदी लगातार सरकारी कामकाज में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मंत्रालयों की वेबसाइटों को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने का निर्देश दिया था।
इस बैठक में सरकारी योजनाओं की जनता तक पहुंच और संवाद व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हो सकती है। नवाचार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें
मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। कार्यकाल के मध्य चरण में जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना है।
वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री सहित कुल 69 मंत्री हैं, जबकि यह संख्या 81 तक हो सकती है। कई मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं।
रिक्त पदों की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन तथा रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद कुछ पद खाली हुए हैं।
हालांकि, इस चिंतन बैठक को सीधे तौर पर कैबिनेट फेरबदल की प्रक्रिया मानने की कोई आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
चिंतन बैठक के प्रमुख मुद्दे
- योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करना।
- निर्णय लेने की गति को तेज करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाना।
- एक से अधिक मंत्रालयों से जुड़े प्रोजेक्ट्स में बेहतर तालमेल स्थापित करना।
- सरकारी उपलब्धियों को सरल तरीके से जनता तक पहुंचाने की रणनीति बनाना।
- मंत्रालयों की वेबसाइट और डिजिटल सेवाओं को यूजर-फ्रेंडली बनाना।
- 2021 की सिफारिशों पर अमल की स्थिति का जायजा लेना।
- तीसरे कार्यकाल के शेष समय के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को तय करना।
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