इस महत्वपूर्ण चुनाव में सभी की निगाहें बीजेपी के उम्मीदवार चयन पर टिकी हुई हैं।
वसुंधरा राजे का स्पष्टीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अंता उपचुनाव के उम्मीदवार चयन को लेकर अपनी राय स्पष्ट की है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह फैसला पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का होगा।
राजे ने जोर देकर कहा कि वे जो भी तय करेंगे, वह बीजेपी का सर्वमान्य उम्मीदवार होगा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर उस उम्मीदवार की जीत के लिए काम करेंगे।
अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में भूमिका
वसुंधरा राजे ने खुद को पार्टी का एक अनुशासित कार्यकर्ता बताया।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगी।
राजे ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी जहां भी उन्हें प्रचार या अन्य कार्यों के लिए कहेगी, वह वहां जाकर मेहनत करेंगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाड़ौती क्षेत्र में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
हाड़ौती में राजे का प्रभाव
हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें अंता विधानसभा सीट भी शामिल है, में वसुंधरा राजे का गहरा प्रभाव है।
उनके समर्थक और पार्टी के भीतर उनकी राय को उम्मीदवार चयन में अहम माना जाता है।
उनकी सक्रियता और समर्थन से उम्मीदवार की जीत की संभावनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।
सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने हाल ही में वसुंधरा राजे से उनके आवास पर मुलाकात की थी।
इस मुलाकात के दौरान अंता उपचुनाव के संबंध में गहन चर्चा हुई।
यह बैठक उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में राजे की भूमिका और सहमति को दर्शाती है।
पार्टी आलाकमान सभी प्रमुख नेताओं को विश्वास में लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।
अंता उपचुनाव राजस्थान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
बीजेपी के लिए यह सीट जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।