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राजनीति

गहलोत सरकार के मंत्री हेमाराम चौधरी का चुनाव लड़ने से इनकार

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अशोक गहलोत सरकार के वन व पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। सचिन पायलट गुट के माने जाने वाले मंत्री हेमाराम चौधरी ने साफतौर पर कह दिया कि मुझे चुनाव नहीं लड़ना है। टिकट ताजाराम को दे दिया जाए। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 अशोक गहलोत सरकार के वन व पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। सचिन पायलट गुट के माने जाने वाले मंत्री हेमाराम चौधरी ने साफतौर पर कह दिया कि मुझे चुनाव नहीं लड़ना है। टिकट ताजाराम को दे दिया जाए। 
ashok gehlot  minister hemaram chowdhary refused to contest election 2023
Hemaram Chaudhary

जयपुर |  राजस्थान में विधानसभा चुनाव का घमासान अब आखिरी पड़ाव पर आ रहा है। ऐसे में इस चुनावी साल में जहां नेता टिकट लेने के जुगाड़ में लगे हुए हैं वहीं कुछ नेता चुनाव लड़ने से इनकार करते भी नजर आ रहे हैं। 

अशोक गहलोत सरकार के वन व पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी (Hemaram Choudhary) ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। 

ये सब हुआ कांग्रेस के बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी व पर्यवेक्षक बलदेव ठाकुर के साथ हुई बैठक के दौरान। 

ठाकुर ने डाक बंगले में विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर बैठक ली और सभी नेताओं का फीडबैक जाना। 

इस बैठक में सचिन पायलट  (Sachin Pilot) गुट के माने जाने वाले मंत्री हेमाराम चौधरी ने साफतौर पर कह दिया कि मुझे चुनाव नहीं लड़ना है। टिकट ताजाराम को दे दिया जाए। 

पायटल के साथ हमेशा खड़े दिखने वाले हेमाराम चौधरी ने कहा कि मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि अन्य किसी को भी अवसर दिया जाए। 

ताजाराम बार-बार टिकट की मांग कर रहे हैं तो इनको ही टिकट दे दो।

उन्होंने कहा कि मुझे यहां की जनता ने 6 बार जिताया है और इस दौरान उनके काम हुए है तो इसकी हकदार भी जनता ही है और यदि कोई काम नहीं हो पाया तो उसका जिम्मेदार मैं हूं। 

6 बार गुड़ामालानी से बने विधायक

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी गुड़ामालानी (Gudamalani) से 6 बार चुनाव जीत चुके हैं। उन्हें  मारवाड़ की जाट राजनीति के विश्वसनीय चेहरे के रूप में जाना जाता हैं। 

चौधरी केबिनेट के कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं और विधानसभा के प्रतिपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। 

पायलट को  समर्थन देने के बाद CM अशोक गहलोत से इनकी दूरियां भी सभी के सामने आई, इन्होने अपने पद से इस्तीफा भी दिया, मगर बाद में केबिनेट में भी हेमाराम चौधरी को शामिल किया गया। 

मैं थक गया हूं टिकट मांग करते-करते

दरअसल, कांग्रेसी नेता प्रधान ताजाराम मूढ कई सालों से पार्टी से टिकट की मांग करते रहे हैं लेकिन उन्हें चुनाव में टिकट नहीं दिया गया है। 

ऐसे में बैठक के दौरान प्रधान ताजाराम ने कहा कि 2008 से 2018 तक तीनों बार मैंने टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है, लेकिन अब तक मुझे टिकट नहीं मिला है। मैं टिकट की मांग करते-करते थक चुका हूं। 

कांग्रेस के इन नेताओं ने भी किया चुनाव लड़ने से मना

आपको बता दें कि सिर्फ हेमाराम चौधरी ही चुनाव लड़ने से इनकार करने वाले अकेले नेता नहीं हैं। उनके अलावा गहलोत सरकार के कई और नेता भी चुनाव लड़ने से पीछे हटते दिखे हैं। 

बाड़मेर से ही आने वाले एक और विधायक अमीन खान भी चुनाव ना लड़ने का एलान कर चुके हैं।

सचिन पायलट खेमे के माने जाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और श्रीमाधोपुर से विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत ने भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

गुरमीत सिंह कुनर भी कह चुके हैं कि अब वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

सांगोद से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह कुंदनपुर भी चुनाव ना लड़ने का एलान कर चुके हैं, वह कई बार सार्वजनिक मंचों और पत्र लिख कर कह चुके हैं कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। 

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