जयपुर | राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से बड़ी सौगात दे दी है।
चुनावों से पहले सीएम गहलोत ने पूरी कर दी सालों पुरानी मांग, अब इनकों मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने होमगार्ड्स एवं होमगार्ड वॉलिंटियर्स की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। गहलोत ने गुरुवार को अनुबंध नवीनीकरण अवधि को 5 से बढ़ाकर 15 साल करने की घोषणा कर दी है।
HIGHLIGHTS
- 1 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने होमगार्ड्स एवं होमगार्ड वॉलिंटियर्स की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। गहलोत ने गुरुवार को अनुबंध नवीनीकरण अवधि को 5 से बढ़ाकर 15 साल करने की घोषणा कर दी है।
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इस बार सीएम ने होमगार्ड्स एवं होमगार्ड वॉलिंटियर्स की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को अनुबंध नवीनीकरण अवधि को 5 से बढ़ाकर 15 साल करने की घोषणा कर दी है।
ऐसे में अब प्रदेश के होमगार्ड्स और होमगार्ड वॉलिंटियर्स 5 साल की जगह 15 साल बाद को कॉन्ट्रेक्ट रिन्यूवल कराएंगे।
गौरतलब है चुनावी साल होने के चलते सीएम गहलोत प्रदेश की जनता पर दिल खोलकर मेहरबानी कर रहे हैं।
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इससे पहले भी सीएम गहलोत विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं।
जन सुरक्षा में संलग्न होमगार्ड्स की सेवा, निष्ठा व परिश्रम का सम्मान करते हुए बहुप्रतीक्षित अनुबंध नवीनीकरण की अवधि विस्तार का निर्णय लिया है। अब यह अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
सालों से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग के पूर्ण होने से होमगार्ड्स के जीवन में सम्मान व… pic.twitter.com/otXuklAzjW
होमगार्ड्स और होमगार्ड वॉलिंटियर्स की तारीफ
विद्याधर नगर में गृह रक्षा निदेशालय के नए प्रशासनिक भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत ने होमगार्ड्स और होमगार्ड वॉलिंटियर्स की जमकर तारीफ की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में होमगार्ड्स ने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम किया, जो सराहनीय है।
प्रदेश सरकार शुरू से ही होमगार्ड को एक मजबूत संगठन बनाने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
होमगार्ड से संबंधित अन्य मांगों का परीक्षण करवा कर इस संबंध में हर संभव कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि होमगार्ड्स के मानदेय में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ही 58 साल बाद स्वयंसेवकों को लघु व्यवसाय के लिए कल्याण कोष से 2 लाख रुपए तक की सहायता दी जा रही है।