जयपुर | कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद से ही सभी राजनीतिक दलों की नजर राजस्थान कांग्रेस में चल रही गहलोत-पायलट की जंग पर टिकी हुई है।
दिल्ली में सीएम गहलोत ने दिखा दिए तेवर, कहा- पार्टी कभी किसी को पद ऑफर नहीं करती
दिल्ली में सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि, कोई भी नेता कुछ भी चीज़ मांगे या आलाकमान पूछे कि आप कौन सा पद लेंगे, ऐसा रिवाज मैंने नहीं देखा है और ऐसा कभी होता नहीं है।
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- 1 दिल्ली में सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि, कोई भी नेता कुछ भी चीज़ मांगे या आलाकमान पूछे कि आप कौन सा पद लेंगे, ऐसा रिवाज मैंने नहीं देखा है और ऐसा कभी होता नहीं है।
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इसी जंग पर ब्रेक लगाने के लिए दिल्ली में बैठे कांग्रेसी आलाकमान आज दोनों नेताओं की क्लास लेने जा रहे हैं।
ऐसे में सीएम अशोक गहलोत दिल्ली पहुंच गए है। दिल्ली पहुंचते ही सीएम गहलोत ने अपने आक्रामक तेवर भी दिखा दिए हैं।
बोले- मैंने नहीं देखा ऐसा रिवाज
दिल्ली में सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बिना किसी का नाम लिए एक बार फिर से अपने विरोधियों पर हमला बोला है।
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गहलोत ने पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि, कोई भी नेता कुछ भी चीज़ मांगे या आलाकमान पूछे कि आप कौन सा पद लेंगे, ऐसा रिवाज मैंने नहीं देखा है और ऐसा कभी होता नहीं है।
पार्टी कभी किसी को पद ऑफर नहीं करती
इसी के साथ उन्होंने कहा कि पार्टी कभी भी किसी को पद देने का ऑफर नहीं करती है। यहां कोई भी अपनी मर्जी से मांग कर पद नहीं ले सकता है।
इस दौरान सीएम गहलोत ने ये भी कहा कि कांग्रेस हाईकमान आज भी मजबूत स्थिति में है। कांग्रेस पार्टी भी मजबूत स्थिति में है।
#WATCH | When asked about various "formulae" being speculated around Rajasthan CM Ashok Gehlot and Sachin Pilot, CM Gehlot says, "Never in my life have I seen a tradition in Congress that a leader demands something or high command asks him what post he wants...High Command &… pic.twitter.com/f47AtCYVx7
मल्लिकार्जुन खड़गे गहलोत-पायलट जंग खत्म करने के मूड में
आपको बता दें कि, आज शाम राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राजस्थान में चल रही गहलोत-पायलट जंग को किसी भी तरह से खत्म करने के मूड में है।
इसके लिए दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। खड़गे सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट से अलग-अलग मुलाक़ात करके दोनों पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को दूर करने की कोशिश करेंगे।
आपको ये भी बता दें सचिन पायलट का गहलोत सरकार को दिया गया 15 दिन का अल्टीमेटम भी आखिरी सांसें गिन रहा है।
पायलट ने तीन मांगों को लेकर दिया गया 15 दिन का अल्टीमेटम मंगलवार 30 मई को ख़त्म हो रहा है। जिसके बाद मांग नहीं मानने पर पायलट ने आंदोलन की चेतावनी दी है।