जयपुर | गांधीवादी प्रदेश की पूंजी हैं। ये देश की पूंजी बन सकते हैं। तरुण शांति के कैंप में रामजी भाई देसाई ने गांधी कथा करवाई थी। कैंपों में मैं सबसे पीछे बैठने वालों में था।
गांधीवादी कुमार प्रशांत आगे बैठने वालों में थे। मुझे बोलना नहीं आता था, मैं डरता था कि कहीं बोलने के लिए नाम नहीं पुकार लें। यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का।
उन्होंने कहा कि मुझे इतना संकोच होता था और मैं सबसे पीछे बैठता था। कुमार प्रशांत इस क्षेत्र में आगे बढ़े। मैं आप सब की दुआओं से घूमता-घूमता यहां तक आ गया।
मुख्यमंत्री जयपुर में गांधी दर्शन सम्मेलन के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने सरकार की आलोचना, गांधीवादी सिद्धांतों के मूल्य, शांति और अहिंसा की आवश्यकता और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाजपा के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।