जयपुर | Rajasthan Election 2023: राजस्थान में भाजपा ने अपने 41 प्रत्याशियों को चुनावी अखाड़े में उतार दिया है, लेकिन अभी तक कांग्रेस ने किसी सभी प्रत्याषी को लेकर घोषणा नहीं की है।
भाजपा दूसरी लिस्ट की तैयारी में, कांग्रेस उलझ रही पहली में
भाजपा प्रत्याशियों और उनकी सीटों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अब उनके सामने उतारे जाने वाले अपने सियासी मोहरे तैयार करने में जुटी है।
HIGHLIGHTS
- 1 भाजपा प्रत्याशियों और उनकी सीटों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अब उनके सामने उतारे जाने वाले अपने सियासी मोहरे तैयार करने में जुटी है।
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इसे कांग्रेस की सियासी चाल माना जा रहा है। दरअसल, भाजपा प्रत्याशियों और उनकी सीटों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अब उनके सामने उतारे जाने वाले अपने सियासी मोहरे तैयार करने में जुटी है।
वहीं इधर भाजपा की पहली सूची के सामने आने के बाद से पार्टी में कोहराम मचा हुआ है। टिकट कटने के कारण नेताओं ने बगावत का बिगुल बजा दिया है।
जहां भाजपा के नेता एक होकर कांग्रेस से टक्कर लेते दिख रहे थे, वहीं अब ये आपस में ही उलझते दिख रहे हैं।
लेकिन इसी बीच भाजपा अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी निकालने जा रही है।
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सियासी खबरों की माने तो भाजपा 13 अक्टूबर यानि कल तक अपने और मोहरे चुनावी रण में उतार देगी। इसे लेकर हलचल तेज है।
भाजपा की ओर से अब लूणकरनसर, कोलायत और नोखा में प्रत्याशी घोषित होने की संभावना है।
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद भाजपा में दो लिस्ट जारी होगी। 13 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार 20 अक्टूबर से पहले पार्टी सभी सीटों पर नाम फाइनल कर देगी क्योंकि प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार में ज्यादा समय देना चाहती है।
नवरात्रा के पहले दिन जारी हो सकती है कांग्रेस की पहली सूची
वही, दूसरी तरफ कांग्रेस अपनी पहली सूची नवरात्रा के पहले दिन जारी कर सकती है। इस सूची में कई बड़े दिग्गजों के नाम और उनको दी जाने वाली सीटों का खुलासा हो जाएगा।
कांग्रेस की प्रदेश स्तर पर दो दिन बाद टिकटों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए बैठकें हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि अक्टूबर महीने के अंत तक कांग्रेस सभी नाम फाइनल कर देगी।
सूत्रों की माने तो अभी 100 से 115 नाम फाइनल हो चुके है। जिसमें ज्यादातर पिछले चुनाव वाले ही प्रत्याशी हैं।
टिकट सर्वे के आधार पर दिए जाने की संभावना है, हालांकि कांग्रेस में भी भाजपा की तरह ही बगावती बिगुल बजने की आशंका दिखाई दे रही है।