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राजस्थान

कर्मचारियों ने भजनलाल सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा जबरन रिटायरमेंट के आदेश से बवाल

desk desk

राजस्थान में  सरकार के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार  आदेश का विरोध किया जाएगा। आदेश अलोकतांत्रिका है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 राजस्थान में भजनलाल सरकार के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा । कर्मचारियों काकहना है कि सरकार मनमाने आदेश निकाल रही है। 
employees violate order to stop march against bhajanlal government
राजस्थान में  सरकार के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश

जयपुर | राजस्थान में  सरकार के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार  आदेश का विरोध किया जाएगा। आदेश अलोकतांत्रिका है। दरअसल लगातार भ्रष्ट आचरण और प्रशासनिक कर्तव्य निभाने में असमर्थ कर्मचारियों और अधिकारियों को सरकार अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की प्रक्रिया शुरू की है।

इसके लिए संबंधित विभागों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर प्रस्ताव संबंधित प्रशासनिक विभाग को भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीरशर्मा ने कहा कि राजस्थान में सरकार की ओर से पिछले कुछ महीनों में कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आए दिन कई तरह के आदेश जारी किए जा रहे हैं।

कई बार कर्मचारियों को नाकारा करार दिया जा रहा है। सरकार को ये नही भूलना चाहिए कि कोरोना काल जैसी विषम
परिस्थितियों में भी राजस्थान में कर्मचारियों ने आगे बढ़कर काम किया था. पूरे देश मे राजस्थान एक रोल मॉडल बना. अब
ऐसा क्या हो गया कि यही कर्मचारी सरकार को नाकारा, भ्रष्ट, लापरवाह दिखाई देने लगा. सरकार में इस तरह के व्यवहार
को कर्मचारी र्दाश्त नहीं करेगा

किसी भी सूरत में कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंचती है तो उसके लिए कर्मचारी हरसंभव सरकार के खिलाफ न केवल विरोधकरेगा,बल्कि आंदोलन का विकल्प हो जाएगा। सरकार के इस फैसले के सामने आने के साथ प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने तेवर गरमकर लिए है। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी एकीकृतमहासंघ और अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ दोनों ही प्रमुख संगठनों ने सरकार के फैसले की कड़े शब्दोंमें निंदा की और इसे आतंक फैलाने वाला करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

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