जालोर | जालोर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और क्षेत्र के कद्दावर नेता रामलाल मेघवाल का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव में निधन हो गया। वे पिछले एक वर्ष से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज अहमदाबाद के एक अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे जालोर जिले सहित मारवाड़ के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व विधायक का अंतिम संस्कार आज, गुरुवार दोपहर 3 बजे उनके पैतृक गांव रेवतड़ा में किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों और स्थानीय लोगों के जुटने की संभावना है।
राजनीतिक सफर: बूथ कार्यकर्ता से विधानसभा तक का संघर्ष
रामलाल मेघवाल का राजनीतिक जीवन संघर्ष और अटूट समर्पण की एक मिसाल रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के एक साधारण बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में की थी। अपनी कड़ी मेहनत और जनता के बीच गहरी पैठ के कारण उन्होंने संगठन में तेजी से प्रगति की। उन्होंने जालोर विधानसभा क्षेत्र से कुल सात बार चुनाव लड़ा, जो उनकी क्षेत्र में लोकप्रियता और स्वीकार्यता को दर्शाता है। वर्ष 2008 से 2013 के बीच वे विधायक निर्वाचित हुए। विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जालोर की बुनियादी समस्याओं जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना और बिजली व शिक्षा के स्तर में सुधार के मुद्दों को विधानसभा में बेहद प्रखरता से उठाया। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर तबके के लोगों के हक के लिए आवाज उठाई और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।