दरअसल, सीकर में प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत की बैठक में ये माजरा हो गया है। करीब 10 मिनट तक दोनों नेताओां के बीच खूब जुबानी जंग चली।
इस दौरान प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत और बैठक में मौजूद अन्य नेता डोटासरा और पारीक को समझाते रहे, लेकिन दोनों चुप रहने को तैयार नहीं थे।
दोनों के बीच क्यों हो गई टकरार ?
दरअसल, सीकर कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार यानि आज प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत बजट घोषणाओं की बैठक ले रही थी।
ऐसे में प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत की बैठक के लिए सभी नेता जुटे थे।
इस दौरान जब नवलगढ़ रोड जल निकासी और नवलगढ़ रोड पुलिया फोरलेन का मुद्दा उठा तो डोटासरा और पारीक के बीच नोंकझोंक हो गई।
इस दौरान गोविंद डोटासरा और विधायक राजेंद्र पारीक के बीच नवलगढ़ रोड जल निकासी और नवलगढ़ रोड पुलिया फोरलेन के मुद्दे पर बहस छिड़ गई।
बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों नेताओं ने अपना आपा ही खो दिया।
इस दौरान डोटासरा ने पारीक से कहा कि, आप अपनी सीमा में रहो।
तो पारीक ने गुस्से में डोटासरा को जवाब दिया कि, आपको शर्म आनी चाहिए।
फिर डोटासरा बोले- आप अपनी सीमा में रहो। ठेका नहीं ले रखा है आपने सीकर का। ये बनेगा ये नहीं बनेगा।
इस पर पारीक ने भड़ते हुए कहा- चुप करो यार।
डोटासरा ने बोले- ये इतने सीनियर हैं। ये तो जबरदस्ती पार्टी बन गए।
राजेंद्र पारीक ने डोटासरा को कहा कि आप तो अपने लक्ष्मणगढ़ विधानसभा का ध्यान रखो।
अधिकारियों से मांगा जवाब तो बोल पड़े पारीक
जब पीसीसी चीफ और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने अधिकारियों से जल निकासी प्रोजेक्ट पर जवाब मांगा तो सीकर विधायक राजेंद्र पारीक बीच में बोल गए और अधिकारियों व ठेकेदारों का पक्ष लेते दिखे।
ऐसे में डोटासरा ने पारीक से अधिकारियों का पक्ष न लेने के लिए कहा तो दोनों में बहस हो गई।