भाजपा नेता और पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने इस दौरे के रद्द होने की पुष्टि खराब मौसम को बताया है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमित शाह के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
ज्वालामुखी सब डिवीजन में एयरो-स्पोर्ट्स और सभी प्रकार की हवाई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया था।
पैराग्लाइडिंग, ड्रोन उड़ान और हॉट एयर बैलूनिंग जैसी सभी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित थीं।
यह निर्णय वीवीआईपी सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी
जिला प्रशासन और हिमाचल भाजपा ने भी उनके दौरे के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। शाह का दौरा अचानक रद्द होने से भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है।
इससे पहले, उन्हें शुक्रवार शाम चंडीगढ़ पहुंचना था और रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह हिमाचल के लिए रवाना होना था। हालांकि, गृह मंत्री शाह चंडीगढ़ ही नहीं पहुंचे।
सीएम उठा सकते थे आपदा राहत पैकेज का मुद्दा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गृह मंत्री शाह के सामने हिमाचल से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाने वाले थे। इनमें सबसे प्रमुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए के आपदा राहत विशेष पैकेज को शीघ्र जारी करने की मांग थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पैकेज की घोषणा 9 सितंबर को धर्मशाला दौरे के दौरान की थी। ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह राशि अभी तक जारी नहीं हुई है।
पीएम के बाद सात केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय अधिकारियों की टीमें भी प्रदेश में आपदा का जायजा ले चुकी हैं। ऐसे में हिमाचल को अमित शाह के दौरे से राहत राशि मिलने की उम्मीद थी, जो अब टल गई है।
दौरे को लेकर की गई थी व्यापक तैयारी
गृह मंत्री के कार्यक्रम के दौरान सपड़ी क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध लागू किए गए थे। 20 दिसंबर को सुबह 11:15 बजे से मुख्य अतिथि के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने तक और दोपहर 2 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रखने के आदेश थे।
इस दौरे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में जगह-जगह प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के पोस्टर भी लगाए थे। एसएसबी के जवानों ने भी गृह मंत्री के दौरे से पहले परेड का अभ्यास किया था।