अजमेर | इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच छिड़े युद्ध का असर राजस्थान तक देखा जा रहा है।
इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध का असर राजस्थान तक, पुष्कर में स्थित इजरायली धार्मिक स्थल की सुरक्षा बढ़ाई
इजरायल पर हमास के हमले के बाद राजस्थान में भी इजरायलियों के धार्मिक स्थल ’बेद खबाद’ को खतरे की आशंका के चलते यहां सुरक्षा के कड़े बंदोस्त कर दिए गए हैं।
HIGHLIGHTS
- 1 इजरायल पर हमास के हमले के बाद राजस्थान में भी इजरायलियों के धार्मिक स्थल ’बेद खबाद’ को खतरे की आशंका के चलते यहां सुरक्षा के कड़े बंदोस्त कर दिए गए हैं।
संबंधित खबरें
दरअसल, राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में इजरायलियों का धार्मिक स्थल ’बेद खबाद’ है। जिसके चलते यहां इजरायलियों का जमावड़ा लगा रहता है।
इजरायल पर हमास के हमले के बाद राजस्थान में भी इजरायलियों के धार्मिक स्थल ’बेद खबाद’ को खतरे की आशंका के चलते यहां सुरक्षा के कड़े बंदोस्त कर दिए गए हैं।
’बेद खबाद’ के बाहर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए है। अभी तक मेवाड़ भील कोर के 8 सशस्त्र जवान यहां बने बंकर में हमेशा अलर्ट रहते हैं।
लेकिन अब जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने भी बेद खबाद की सुरक्षा और बढ़ा दी है।
संबंधित खबरें
इसके लिए यहां सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
बता दें कि पुष्कर में इजरायली पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में इनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस गश्त भी बढ़ाई गई है।
इजरायल पर फिलिस्तीन हमले के बाद से पुष्कर में मौजूद बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक पहले ही दिल्ली रवाना हो गए हैं।
पुष्कर की इस जगह को कहा जाता है मिनी इजरायल
आपको बता दें कि पुष्कर में स्थित पचकुंड को मिनी इजरायल भी कहा जाता है। यहां इजरायली पर्यटक का हमेशा जमावड़ा लगा रहता है। यहां सालभर इजरायली पर्यटकों का यहां आना-जाना लगा रहता है।
यहां आकर मनाते हैं त्योहार
नवंबर-दिसंबर के बीच इजरायलियों का प्रमुख त्योहार खानुका आता है। जिसे मनाने के लिए बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक यहां आते हैं। इजरायलियों का धार्मिक स्थल बेद खबाद साल में 9 महीने खुला रहता है।
सिर्फ गर्मी के मौसम में ही बेद खबाद बंद किया जाता है। गर्मी की शुरूआत होने पर धर्म गुरु भी लौट जाते हैं।
इस बार भी सितंबर की शुरुआत में इजरायली धर्मगुरु सिममौन गोल्डस्टीन और उनका परिवार पुष्कर आया था।