नई दिल्ली | कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने PM नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा, ‘वक्त बदल रहा है। दोस्त दोस्त ना रहा…! उन्होंने कहा कि तीन चरणों के चुनाव पूरे हो जाने के बाद आज PM अपने मित्रों पर ही हमलावर(incursionist) हो गए हैं। इससे पता चल रहा है कि मोदी जी की कुर्सी डगमगा रही है। यही परिणाम के असली रुझान है।’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह आरोप लगाते रहते हैं कि उन्होंने मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडाणी (Gautam Adani) का औद्योगिक संस्थान बढ़ाने के लिए सबकुछ ताख पर रख दिया है। राहुल यह भी कहते हैं कि उन्होंने अपने मित्रों यानी अंबानी और अडाणी के 16 हजार करोड़ रुपये का कर माफ कर दिया है।
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यद्यपि आज इसके उलट PM नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोल दिया। प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में एक रैली(rally) में राहुल गांधी का नाम लेकर कहा कि वह पांच साल से अंबानी और अडाणी का नाम लेते रहे और अब चुनाव आते ही चुप हो गए। PM ने कहा कि वह अब उनका नाम क्यों नहीं ले रहे हैं |
प्रधानमंत्री मोदी ने अंबानी और अडाणी का नाम लेकर क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने अंबानी और अडाणी का नाम लेकर क्या कहा
नरेंद्र मोदी ने पहली बार राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए अंबानी और अडाणी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी) पिछले 5 वर्षों से यही बात कह रहे हैं। उन्होंने अंबानी-अडानी कहना शुरू कर दिया था। लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ, उन्होंने अंबानी-अडानी को गाली देना बंद कर दिया। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उनके पास कितना पैसा है?” क्या डील हुई है? कुछ घपला है आपको लोगों को जवाब देना होगा।”
‘हम दो हमारे दो’ के “पप्पा” अपनी ख़ुद की संतानों का बलिदान(sacrifice) कर रहे हैं’
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जयराम रमेश ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपनी पार्टी के लिए 8,200 करोड़ रुपए का चंदा इकट्ठा किया। इतना भयंकर घपला किया कि उच्चतम न्यायालय(supreme court) ने भी उसे असंवैधानिक(unconstitutional) घोषित किया, वो आज दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। याद रखें कि अपने “चार रास्ते” द्वारा प्रधानमंत्री ने अपनी पार्टी के निजी स्वार्थ और सत्ता-लोभ के लिए 4 लाख करोड़ रुपए का ठेका और लाइसेंस दिया था।
अगर आज भारत में ऐसी स्थिति है कि 21 अरबपतियों के पास इतना धन है जितना कि 70 करोड़ भारतीयों के पास है तो यह मोदी के नियत और नीति का ही परिणाम है। जाहिर सी बात है कि इस 21 में “हमारे दो” की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है।