20 नवंबर 2025 तक, एनसीएस के माध्यम से 8.17 करोड़ से अधिक रिक्तियां जोड़ी गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, 2.1 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। ये आंकड़े सरकार की रोजगारोन्मुखी और तकनीक-आधारित नीति की अपार सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी से नए अवसर
मदन राठौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि रोजगार के अवसरों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए मोदी सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत किया है। अब तक 25 से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
इन साझेदारियों में स्विगी, जोमैटो, अमेज़न और ज़ेप्टो जैसे प्रमुख निजी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन गठजोड़ों के माध्यम से राजस्थान सहित पूरे देश में गिग और प्लेटफॉर्म-आधारित रोजगार के नए रास्ते खुले हैं।
इससे युवाओं और कामगारों को स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर मिल रहे हैं। यह पहल देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
करियर परामर्श और कौशल विकास में एनसीएस की भूमिका
एनसीएस पोर्टल केवल नौकरी उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह करियर परामर्श और व्यावसायिक मार्गदर्शन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पोर्टल से 1182 से अधिक करियर काउंसलर जुड़े हुए हैं।
देशभर में अब तक 55 लाख से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें से 2.3 लाख से अधिक सत्र अकेले राजस्थान में आयोजित किए गए हैं।
यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य के युवाओं को एनसीएस पोर्टल से विशेष लाभ मिल रहा है। यह युवाओं को सही करियर पथ चुनने में मदद करता है।
ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकरण: समावेशी विकास की पहल
राठौड़ ने बताया कि एनसीएस पोर्टल को ई-श्रम पोर्टल के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है। इस एकीकरण से गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों सहित 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों को रोजगार से जुड़ी सेवाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
यह एकीकरण मोदी सरकार की समावेशी विकास नीति को दर्शाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
यह पहल असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों को मुख्यधारा में लाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
मोदी सरकार की प्रतिबद्धता: सशक्त भविष्य की ओर
कुल मिलाकर, संसद में उठाया गया यह विषय और सरकार का सकारात्मक उत्तर यह स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण को लेकर गंभीर और पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। करियर परामर्श, कौशल मार्गदर्शन और रोजगार खोज जैसी सुविधाएं अब एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।
यह मोदी सरकार की समावेशी और मानव-केंद्रित नीति को दर्शाता है। राठौड़ ने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।