तो क्या इसलिए दी गई जिम्मेदारी
ऐसा माना जा रहा है कि राजस्थान में ब्राह्मण वोटरों को साधने लिए भाजपा ने यह बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि, सांसद सीपी जोशी पिछले दिनों राजधानी जयपुर में हुई ब्राह्मण महापंचायत में शामिल हुए थे और सभी से भाजपा को समर्थन देने की अपील की थी।
वहीं अब राजस्थान में भाजपा को नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, इसका भी फैसला करना है। लेकिन सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने से अब नई भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करना भी एक चनौती होगा । राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने है, इसलिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है ।
राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इससे ठीक पहले राजस्थान संगठन में ये बड़ा बदलाव चौंकाने वाला है।
पूनिया का कार्यकाल पूरा, मिल चुका है एक्सटेंशन
आपको बताना चाहेंगे कि सतीश पूनिया का तीन साल का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका था और इसके बाद उन्हें एक्सटेंशन भी दे दिया गया था। ऐसे में माना जा रहा था कि विधानसभा चुनावों तक पूनिया ही प्रदेशाध्यक्ष रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
सीपी जोशी ने एबीवीपी से राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। संघ के नजदीकी माने जाते हैं। सतीश पूनिया भी आरएसएस बैकग्राउंड से हैं, अब उनकी जगह उसी सियासी बैकग्राउंड के नेता को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।
ये भी माना जा रहा है कि पूनिया को अब राष्ट्रीय संगठन में जगह दी जा सकती है।