▪️ओल्ड लैंग साइन▪️
खूंटियों पर लटकते मास्क
सहसा दिला देते हैं
विगत की स्मृति
बार बार साबुन से धुले खुरदरे
ठंड में ठिठुरते हाथों को
नर्म और गर्म हथेलियों का संपुट
जिनकी यादें रच गई हो रेखाओं में
ये शब्द उन एक जोड़ी आंखों के लिए
जो देखती है डूबकर सुकून में
एकटक तुम्हारी ओर