thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 🌺 ज़िंदगानी 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

सांसद विधायकों को पदच्युत करने का खेल राजस्थान से शुरू हुआ था, राहुल गांधी को यह  इतिहास जरूर पढ़ना चाहिए

thinQ360 thinQ360 18

कुंवर तेज सिंह और संग्राम सिंह पहली विधानसभा में आमेर ए और आमेर बी सीट से विधानसभा पहुंचे थे। तेज सिंह ने शराब बंदी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में रखा था। परन्तु एक प्रत्याशी लल्लूलाल की अपील पर इनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। देश में कोयम्बटूर के बाद यह दूसरा-तीसरा मामला राजस्थान में हुआ था।

HIGHLIGHTS

  1. 1 कुंवर तेज सिंह और संग्राम सिंह पहली विधानसभा में आमेर ए और आमेर बी सीट से विधानसभा पहुंचे थे। तेज सिंह ने शराब बंदी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में रखा था। परन्तु एक प्रत्याशी लल्लूलाल की अपील पर इनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। देश में कोयम्बटूर के बाद यह दूसरा-तीसरा मामला राजस्थान में हुआ था। 
  2. 2 छह दिसम्बर 2022 को कुंवर तेज सिंह  का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। हैरत की बात है कि पूरा बजट सत्र निकल जाने के बावजूद तेज सिंह बागावास को विधानसभा में श्रद्धांजलि या शोकाभिव्यक्ति में उल्लेखित तक नहीं किया गया है. 

Jaipur | कांग्रेस के राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने का मुद्दा देश में गरम है। राजस्थान में कांग्रेस की ओर से इसकी शुरूआत की गईए बीजेपी इस गेम पर खेल रही है।

इसके राजस्थान में इतिहास को देखें तो वर्ष 1952 में पहली विधानसभा में जीतकर आए राम राज्य परिषद के कुंवर तेज सिंह बागावास और महारावल संग्राम सिंह की सदस्यता रद्द की गई थी।

उस वक्त अधिकांश रजवाड़ों के लोग जीते थे और कई लोग दल बदलकर कांग्रेस में चले गए थे। जिन्होंने नहीं बदले, उन पर यह प्रेक्टिस आजमाई गई। 

कुंवर तेज सिंह और संग्राम सिंह पहली विधानसभा में आमेर ए और आमेर बी सीट से विधानसभा पहुंचे थे। तेज सिंह ने शराब बंदी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में रखा था।

परन्तु एक प्रत्याशी लल्लूलाल की अपील पर इनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। देश में कोयम्बटूर के बाद यह दूसरा-तीसरा मामला राजस्थान में हुआ था।

तेज सिंह की जगह उप चुनाव में कमला कांग्रेस से जीतकर विधानसभा पहुंची। बाद में राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं। 

छह दिसम्बर 2022 को तेज सिंह बागावास का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। हैरत की बात है कि पूरा बजट सत्र निकल जाने के बावजूद तेज सिंह बागावास को विधानसभा में श्रद्धांजलि या शोकाभिव्यक्ति में उल्लेखित तक नहीं किया गया है. 

शेयर करें: