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राजस्थान

भले ही बदल गया हो राजस्थान का मैप, लेकिन पुराने जिलों के आधार पर होंगे विधानसभा चुनाव

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नए जिलों के गठन से भले ही अब राजस्थान में जिलों की संख्या 50 हो गई हो लेकिन, आयोग ने राज्य में 33 जिला निर्वाचन अधिकारी ही नियुक्त करने का फैसला लिया है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 नए जिलों के गठन से भले ही अब राजस्थान में जिलों की संख्या 50 हो गई हो लेकिन, आयोग ने राज्य में 33 जिला निर्वाचन अधिकारी ही नियुक्त करने का फैसला लिया है। 
rajasthan assembly elections 2023 will be held on basis of old districts
Rajasthan Assembly Election

जयपुर | Rajasthan Assembly Elections 2023: विधानसभा चुनावों से पहले अशोक गहलोत सरकार ने नए जिलों के गठन से भले ही राजस्थान का मैप बदल दिया हो, लेकिन इससे चुनावों में फर्क नहीं पड़ने वाला है। 

निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा के चुनाव पुराने जिलों के अनुसार ही करवाने का फैसला लिया है। 

नए जिलों के गठन से भले ही अब राजस्थान में जिलों की संख्या 50 हो गई हो लेकिन, आयोग ने राज्य में 33 जिला निर्वाचन अधिकारी ही नियुक्त करने का फैसला लिया है। 

निर्वाचन आयोग (Election Commission) के अनुसार, नए जिलों के कलेक्टर भी पुराने जिलों के कलेक्टर के अधीन रहकर ही चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करवाएंगे।

इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुराने जिलों के कलेक्टरों के हाथ में ही आगामी विधानसभा चुनाव की बागडोर रहेगी और नए जिलों के कलेक्टर उनके साथ पूरा सहयोग करेंगे।

कलेक्टरों के लिए शुरू हुई विशेष ट्रेनिंग

प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत निर्वाचन आयोग की तैयारियां शुरू हो चुकी है। 

जिसके तहत 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए विशेष ट्रेनिंग गुरुवार से शुरू कर दी गई है। 

दो दिन की इस ट्रेनिंग में सिर्फ पुराने जिलों के कलेक्टरों को ही बुलाया गया है।

बताया जा रहा है कि इन्हीं कलेक्टर्स के पास ही नॉमिनेशन भरवाने से लेकर काउंटिंग और रिजल्ट जारी करने तक की  जिम्मेदारी रहेगी। 

पुराने जिलों के कलेक्टर अपने व्यवस्था भार को संभालने के लिए अधीन जिलों के कलेक्टर को जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।

इसी के साथ अगर दोनों के बीच कोई भी वाद-विवाद होता है तो इस पर आखिरी निर्णय करने का अधिकार पुराने जिला निर्वाचन अधिकारियों के पास ही होगा। 

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