जयपुर। राजस्थान ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए एन्फोर्समेंट सैम्पल (enforcement sample) लेने में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (Indian government) द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले राजस्थान ने करीब 3 गुना सैम्पल इकट्ठा कर यह उपलब्धि हासिल की है।
एन्फोर्समेंट सैम्पल लेने में राजस्थान देश में प्रथम पायदान पर
राजस्थान का मिलावट के खिलाफ सफल अभियान |
HIGHLIGHTS
- 1 राजस्थान एन्फोर्समेंट सैम्पल लेने में देश में प्रथम पायदान पर है
- 2 मिलावट के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर सख्त एक्शन ले रहा |
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ निरन्तर सुगठित अभियान चलाया जा रहा है। मिलावट के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर सख्त एक्शन (strict action) ले रहा है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2023-24 के लिए जारी आंकड़ों में राजस्थान ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक सैम्पल (sample) लेते हुए 284 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। प्राधिकरण ने मिलावट के खिलाफ प्रदेश की इस प्रो-एक्टिव अप्रोच (Pro-active approach) को सराहा है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने वर्ष 2023-24 में प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी के लिए हर माह 5 एन्फोर्समेंट सैम्पल (enforcement sample) लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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राजस्थान में 98 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यह लक्ष्य 5 हजार 880 सैम्पल का था, जिसके विरूद्ध राजस्थान में 16 हजार 691 सैम्पल (sample) लिए गए। इस दृष्टि से राजस्थान देश में पहले पायदान पर रहा है।
खान ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही 200 और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (food safety officers) की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने से मिलावट के खिलाफ अभियान को गति मिलेगी एवं आमजन को शुद्ध पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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