सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के श्री रामझरोखा मंदिर की बेशकीमती भूमि को खुर्द-बुर्द करने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने इस प्रकरण में जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी को एक विस्तृत पत्र भेजा है। उन्होंने नगर परिषद सिरोही द्वारा की गई जांच को पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और संदेहास्पद बताया है। लोढ़ा ने कलेक्टर का ध्यान उन गंभीर कानूनी अनियमितताओं की ओर आकर्षित किया है जिन्हें जांच रिपोर्ट में जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।
जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल
लोढ़ा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 9 दिसंबर 2025 को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंदिर की भूमि के अवैध बेचान और हस्तांतरण को लेकर ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद नगर परिषद से जांच करवाई गई लेकिन रिपोर्ट में केवल प्रक्रियात्मक कमियां बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस संस्था ने खुद पट्टे जारी किए उसी से जांच करवाना न्यायसंगत नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया जांच की निष्पक्षता पर बड़े प्रश्नचिन्ह खड़े करती है क्योंकि जांचकर्ता अपने ही विभाग की गलतियों को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।

