जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होने या बने रहने की लड़ाई में सचिन पायलट ने तो एक और बिगुल फूंक दिया है। अब देखना है कि राजनीतिक जादूगरी के शहंशाह होने के एकमात्र दावेदार अशोक गहलोत क्या जादू दिखाते हैं।
नागौर के परबतसर से यह शुरूआत हो रही है जिसमें सचिन पायलट युवा और किसान सम्मेलन के बहाने एक बार फिर से जनता के बीच हैं। कांग्रेस की हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा फिलहाल चर्चा से बाहर है और पायलट अपना हाथ लेकर जनता जनार्दन के बीच है।
कहा तो यह भी जा रहा है कि पायलट के अनुसार अब यदि पार्टी फैसला नहीं करेगी तो वह अपना हाथ किसी और दल को भी थमा सकते हैं। पायलट परबतसर में किसान सम्मेलन के बाद शाम पांच बजे खरनाल स्थित वीर तेजाजी मंदिर में दर्शन भी करेंगे।
इसके अगले दिन पायलट बीकानेर का रुख करेंगे। वहां पर सुबह आठ बजे कार्यकर्ताओं से रूबरू होकर पायलट दोपहर 12 बजे हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में रैली करेंगे। शाम को अमरपुरा थेड़ी स्थित मां भद्रकाली मंदिर में भी दर्शन करेंगे।