जयपुर । राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनावों से कांग्रेस में शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई अब आगामी विधानसभा चुनावों में और भी गंभीर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में सभी पार्टियों के नेता सक्रिय मोड पर आ गए हैं। राज्य में समय-समय पर लोगों के सामने आ रही गहलोत और पायलट गुट की लड़ाई ने दूसरी पार्टियों की जुबान भी खोल दी है।
कुछ दिन पहले ही टोंक के दौरे पर आए ओवैसी ने सचिन पायलट को लेकर मंच से ऐलान करते हुए उन्हें उकसाने का काम भी किया था।
ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि, उन्हे नहीं लगता कि सचिन पायलट का सपना कभी पूरा होगा।
