शिवगंज | शिवगंज नगर पालिका के पुराने चुंगी नाका भवन को बिना किसी ठोस आधार और सक्षम अनुमति के तोड़ने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने जयपुर में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव रवि जैन से मुलाकात की है। लोढ़ा ने इस पूरे प्रकरण को भ्रष्ट आचरण की बुनियाद पर आधारित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को अवैध तरीके से इस भवन को जमींदोज किया गया। प्रमुख सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में लोढ़ा ने बताया कि यह भवन शिवगंज सिरोही मुख्य मार्ग के पास स्थित एक सार्वजनिक लोक संपत्ति थी। इसे नगर पालिका प्रशासक और उपखंड अधिकारी द्वारा साजिश के तहत ध्वस्त किया गया है। लोढ़ा का कहना है कि इस कार्यवाही में किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। साथ ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की भी पूरी तरह से अवहेलना की गई है।
निजी लाभ पहुंचाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि एक निजी व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने मनगढ़ंत शिकायत करवाई। इसी शिकायत को आधार बनाकर जेसीबी मशीन की मदद से भवन को गिरा दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस भवन को नकारा और जर्जर बताते हुए यातायात में बाधक करार दिया था। जबकि वास्तविकता यह है कि इस भवन से कभी कोई दुर्घटना नहीं हुई थी। यह भवन न तो सड़क पर था और न ही यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न कर रहा था। ध्वस्तीकरण से पहले न तो कोई वैधानिक नोटिस दिया गया और न ही जिला कलेक्टर की अनुमति ली गई।