खण्डार | विधायक जितेन्द्र कुमार गोठवाल ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थी परिषद से राजनीति की शुरुआत की थी। चुनाव हारने के बाद उन्होंने खुद को असमंजस में पाया, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए महामंत्री बनाया।
उन्होंने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने लगातार आंदोलन किए, खासकर दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के मामलों में। इसी वजह से उन्हें एक झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया, जहां वह 53 दिन तक रहे।
गोठवाल ने कहा कि वह एक मजदूर परिवार से आते हैं और उनकी राजनीति का एकमात्र उद्देश्य सेवा कार्य है। पहली बार विधायक बनने पर उन्होंने पाया कि इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत मिलने वाले 45 हजार रुपये से कुछ भी बनाना मुश्किल है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इसे बढ़ाकर 1 लाख 41 हजार किया गया।
उन्होंने चर्चा की 2013 में सवाईमाधोपुर से दिया कुमारी विद्यायक,खण्डार से में बना,दिया कुमारी आज उपमुख्यमंत्री है और जीतेन्द्र गोठवाल संगठन मंत्री है दिया कुमारी ने सांसद का चुनाव लड़ा और पार्टी को लगा की उन्हें सत्ता की और जाना चाहिए और मेने काम किया तो पार्टी को लगा की इनका काम संगठन में है