Jaipur | राजस्थान की राजनीति में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का इस्तीफे का एक अनोखा इतिहास रहा है। शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी उन्होंने अपने इस्तीफे पर अडिग रहने का फैसला किया। नड्डा के पूछने पर किरोड़ी ने कहा कि जिन लोगों के लिए उन्होंने 40-45 साल काम किया, वही उनसे विमुख हो रहे हैं, जिसे वे सहन नहीं कर पा रहे हैं। नैतिकता के नाते उन्होंने इस्तीफा दिया है। नड्डा ने उन्हें एक बार और सोचने और 10 दिन बाद मिलने की सलाह दी।
किरोड़ी का मंत्री पद से इस्तीफा देने का इतिहास
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का मंत्री पद से इस्तीफा देने का पुराना नाता है। वे खुद दो बार और उनकी पत्नी गोलमा देवी एक बार मंत्री पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। पिछली बार चौथे वर्ष में और इस बार मात्र 6 माह में ही उन्होंने पद से इस्तीफा दिया। गोलमा देवी ने 5 माह में ही इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद किरोड़ी किसी के मनाने पर नहीं माने।
किरोड़ीलाल के तीन प्रमुख इस्तीफे