यूनुस खान निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर 6 नंवबर यानि सोमवार को डीडवाना विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
यूनुस ने कहा कि अब मेरा टिकट जनता का है और चुनाव जनता वर्सेस वर्तमान कांग्रेस विधायक से है।
मुझे विश्वास है कि जो लोग कांग्रेस के कुशासन से अत्याचार और अन्याय से परेशान हैं, वो सभी इस चुनाव में वोट देकर अपना विश्वास जताएंगे।
उन्होंने कहा कि 1998 से एक ही परिवार ने डीडवाना पर कब्जा कर रखा है, उस कब्जे को छुड़ाने का काम करेंगे। यूनुस खान ने कहा कि मैं जनता का आभारी हूं और जनता ने जो फैसला किया है मैं उस फैसले पर जनता के साथ खड़ा हूं।
शायद पार्टी ने मुझे इस योग्य नहीं समझा
उन्होंने कहा कि मैंने 5 सालों से लगातार डीडवाना में मंडल और पार्टी स्तर पर काफी मेहनत की। इसके बावजूद भी पार्टी ने मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी। इसके लिए भी पार्टी को धन्यवाद। शायद पार्टी ने मुझे इस योग्य नहीं समझा होगा।
पीएम मोदी और वसुंधरा राजे को कहा धन्यवाद
यूनुस खान ने भारी मन से भाजपा छोड़ते हुए सभी नेताओं का आभार जताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय नेतृत्व, वसुंधरा राजे व प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतने साल मुझे अपनी पार्टी में रखा इसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद।
उन्होंने ये भी कहा कि यहां की स्थानीय जनता जो कि पिछले 25 साल से भाजपा के कार्यकर्ताओं के रूप में मेरे साथ खड़ी है, उसी जनता का मेरे ऊपर दबाव और आग्रह भी है।
पिछले चुनावों में पार्टी ने बदल दी थी सीट
आपको बता दें कि पूर्व मंत्री यूनुस खान डीडवाना से साल 2003 और साल 2013 में दो बार विधायक रह चुके हैं।
हालांकि, पिछली बार भाजपा ने उनकी सीट बदल कर उन्हें सचिन पायलट के सामने टोंक विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा था।
इसके पीछे भाजपा का मकसद टोंक में मुस्लिम वोटर्स को साधना था, लेकिन पायलट के जनसमर्थन के आगे भाजपा की एक न चली और यूनुस खान को पायलट से करारी हार मिली।
तब पायलट ने यूनुस खान को 54 हजार से भी ज्यादा मतों से हराया था।