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राजस्थान

सहकारी बैंकों का होगा कायाकल्प: राजस्थान: सहकारी बैंकों में डिजिटल क्रांति और नई भर्तियां

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

पैक्स कंप्यूटराइजेशन और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगी सहकारी बैंकों की सूरत, जल्द होगी नई भर्ती।

HIGHLIGHTS

  • सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाने के लिए पैक्स कंप्यूटराइजेशन का कार्य अब युद्ध स्तर पर किया जाएगा।
  • सभी सहकारी बैंकों में अब मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डेबिट कार्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही बैंकिंग सहायकों और मैनेजर्स के पदों पर भर्ती शुरू होगी।
  • बैंकों में अनुशासन के लिए आधार आधारित बायोमीट्रिक हाजिरी और आरबीआई नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
rajasthan cooperative bank digital transformation recruitment 2024

जयपुर | राजस्थान के सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में अब एक बड़ा बदलाव आने वाला है। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सहकारी संस्थाओं में जनता की जमा पूंजी को सुरक्षित रखना और पारदर्शिता लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डिजिटल होगा सहकारी बैंकिंग का पूरा ढांचा

सहकारी बैंकों को अब निजी बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए पैक्स (PACS) कंप्यूटराइजेशन का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे सभी लेनदेन पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएंगे।

डॉ. शर्मा ने बताया कि जब सारा कामकाज ऑनलाइन होगा, तो अनियमितताओं की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। राजस्थान इस क्षेत्र में पूरे देश में लीडर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है और कार्य तेजी से जारी है।

आगामी दिनों में सभी पैक्स की निर्धारित पैरामीटर्स के आधार पर रेटिंग की जाएगी। इससे बैंकों के बीच बेहतर प्रदर्शन करने की होड़ लगेगी और व्यवस्था में सुधार होगा। सभी पैक्स में डायनामिक डे-एंड का कार्य भी जल्द पूरा होगा।

ग्राहकों को मिलेंगी निजी बैंकों जैसी सुविधाएं

अब सहकारी बैंक के ग्राहकों को भी वही आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी जो बड़े निजी बैंकों में मिलती हैं। डॉ. शर्मा ने सभी बैंकों में मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही ग्राहकों को डेबिट कार्ड की सुविधा भी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग लेनदेन में काफी सहूलियत होगी। बैंक शाखाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

डॉ. शर्मा ने सख्त निर्देश दिए हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइंस की पालना हर हाल में सुनिश्चित की जाए। अपात्र व्यक्तियों को ऋण नहीं दिया जाएगा और पुराने ऋणों की वसूली में तेजी लाई जाएगी।

सहकारी संस्थाओं में लोगों का अटूट विश्वास बना रहे, इसके लिए साक्ष्य आधारित व्यवस्था और पारदर्शिता लाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

नई भर्तियों से युवाओं को मिलेगा रोजगार

सहकारी बैंकों के कामकाज को अधिक सुचारू और पेशेवर बनाने के लिए स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए लोन सुपरवाइजर्स, बैंकिंग सहायक और डिप्टी मैनेजर्स की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी।

नई भर्ती से बैंकों में ऊर्जावान युवाओं का प्रवेश होगा, जिससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही, जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के खाते भी अब सहकारी बैंकों में ही खोले जाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैंकों में कार्य संस्कृति सुधारने के लिए सभी शाखाओं में आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने और पूरे समय उपस्थित रहकर जनता की सेवा करने की हिदायत दी गई है।

इन क्रांतिकारी बदलावों से न केवल सहकारी बैंकों की साख बढ़ेगी, बल्कि राज्य का अपेक्स बैंक देश का श्रेष्ठ सहकारी बैंक बनकर उभरेगा। पारदर्शिता और तकनीक के मेल से आम जनता का पैसा अब और भी अधिक सुरक्षित रहेगा।

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