भरतपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश में रसोई गैस की बढ़ती मांग और घरेलू उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी को देखते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब राज्य के होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
इसके स्थान पर अब इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा। रसद विभाग ने इस दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है और संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
राजस्थान: होटल-ढाबों पर PNG अनिवार्य: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: अब होटल और ढाबों पर नहीं चलेगा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, पीएनजी कनेक्शन हुआ अनिवार्य
राजस्थान सरकार ने घरेलू गैस की किल्लत दूर करने के लिए होटल और ढाबों में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अब इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अनिवार्य रूप से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का उपयोग करना होगा।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान के होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में अब कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है।
- घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत से बचाने के लिए सरकार ने पीएनजी (PNG) को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
- भरतपुर जिले में करीब 1000 होटल और ढाबा संचालकों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- गेल गैस कंपनी को पीएनजी पाइपलाइन विस्तार और नए कनेक्शन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। आम जनता को एक सिलेंडर के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध और तनाव का असर भी गैस आपूर्ति पर पड़ा है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य कॉमर्शियल उपयोग वाली गैस को नियंत्रित करना है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकेंगे और बाजार में गैस की कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी।
रसद विभाग की सक्रियता
रसद विभाग ने होटल और ढाबा संचालकों से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन फॉर्म भरवाना शुरू कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सीमित या बंद की जा सकती है।
नई व्यवस्था के तहत होटल और रेस्टोरेंट को सीधे पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल एलपीजी पर दबाव कम होगा, बल्कि यह सुरक्षित और किफायती विकल्प भी साबित होगा।
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भरतपुर में बड़े पैमाने पर बदलाव
भरतपुर शहर में करीब 350 और पूरे जिले में लगभग 1000 होटल-ढाबे संचालित हैं। इनमें से अधिकांश अभी कॉमर्शियल सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। रसद विभाग अब इन सभी को पीएनजी नेटवर्क में शिफ्ट करने की योजना बना रहा है।
गेल गैस कंपनी को इस आपूर्ति का जिम्मा दिया गया है। कंपनी शहर के विभिन्न इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम तेज कर रही है। जिन इलाकों में नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां कनेक्शन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
आम आदमी को मिलेगी राहत
इस बदलाव से न केवल आम घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी कॉमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। सरकार की इस पहल से गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
पीएनजी का उपयोग पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाता है। होटल संचालकों को भी अब बार-बार सिलेंडर बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें निरंतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मानवेन्द्र जैतावत