जयपुर | राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में देर रात एक बड़ी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, कुल 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस बदलाव की सबसे खास बात यह है कि प्रदेश के 25 जिलों के जिला कलेक्टरों को बदल दिया गया है।
सरकार के इस कदम को सुशासन और योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से यह बड़ी सूची जारी की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। जितेंद्र कुमार सोनी, जो अब तक जयपुर के कलेक्टर थे, उन्हें अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है।
राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: Rajasthan IAS Transfer List: राजस्थान में 65 IAS अफसरों के तबादले, 25 जिलों के कलेक्टर बदले, टीना डाबी टोंक की नई कलेक्टर
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक बेड़े में बड़ा बदलाव करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में 25 जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
HIGHLIGHTS
- भजनलाल सरकार ने राजस्थान में 65 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है।
- जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर सहित 25 जिलों के कलेक्टर बदले गए।
- टीना डाबी को बाड़मेर से हटाकर टोंक जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।
- जितेंद्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री का सचिव और संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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मुख्यमंत्री कार्यालय में नई नियुक्तियां
जितेंद्र कुमार सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव रहे संदेश नायक को अब राजधानी जयपुर का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है। संदेश नायक की गिनती प्रदेश के तेज-तर्रार अधिकारियों में होती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में उत्सव कौशल और अमित शर्मा को संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है। इसके अलावा मुकुल शर्मा को मुख्यमंत्री का विशिष्ट सचिव बनाया गया है। चर्चित आईएएस अधिकारी टीना डाबी के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। उन्हें बाड़मेर कलेक्टर के पद से हटाकर अब टोंक जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
टीना डाबी की बहन रिया डाबी को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। रिया डाबी को मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी (OSD) के पद पर तैनात किया गया है। सीकर जिले को भी लगभग डेढ़ साल के लंबे अंतराल के बाद नया स्थाई कलेक्टर मिला है। आशीष मोदी अब सीकर जिले की कमान संभालेंगे। सीकर के पूर्व कलेक्टर मुकुल शर्मा को अब सीएमओ में जगह दी गई है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जोधपुर के संभागीय आयुक्त के पद पर कन्हैया लाल स्वामी को नियुक्त किया गया है। जोधपुर जैसे महत्वपूर्ण संभाग में उनकी नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम है। डॉक्टर जोगाराम को सचिव, आयुक्त पंचायती राज विभाग और निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार उनकी प्राथमिकता होगी।
राजन विशाल को जल जीवन मिशन का निदेशक बनाया गया है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को राजस्थान में गति देने का जिम्मा अब उन पर होगा। ऊर्जा विभाग में भी बदलाव हुआ है। नकाते शिवप्रसाद मदन को राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया है। वह ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधारों पर ध्यान देंगे।
शिवांगी स्वर्णकार को वित्त विभाग में विशिष्ट सचिव और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट ट्रेनिंग सोसायटी का सीईओ बनाया गया है। वह राज्य के वित्तीय प्रबंधन में मदद करेंगी। नगर निगम जयपुर में भी नए चेहरे की एंट्री हुई है। ओमप्रकाश कसेरा को जयपुर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। शहर की सफाई व्यवस्था और विकास अब उनके जिम्मे होगा।
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प्रमुख विभागों में फेरबदल
आबकारी विभाग उदयपुर के आयुक्त पद पर नमित मेहता की नियुक्ति की गई है। वहीं, अरविंद पोसवाल को राजस्थान आवासन मंडल (RHB) का आयुक्त बनाया गया है। शिक्षा विभाग में भी फेरबदल हुआ है। डॉक्टर रश्मि शर्मा को समग्र शिक्षा अभियान का निदेशक और सांख्यिकी विभाग का विशिष्ट सचिव नियुक्त किया गया है। वह शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देंगी।
लक्ष्मी नारायण मंत्री को उदयपुर संभाग का आयुक्त और देवस्थान विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह धार्मिक स्थलों और उदयपुर संभाग के विकास पर ध्यान देंगे। रीको (RIICO) के प्रबंध निदेशक के रूप में सुरेश ओला को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का आयुक्त भी बनाया गया है, जो औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रियंका गोस्वामी को आजीविका परियोजनाओं और स्वयं सहायता समूहों के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। वह ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग में बाबूलाल गोयल को आयुक्त लगाया गया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा।
औद्योगिक और सामाजिक विकास पर जोर
उद्योग और वाणिज्य विभाग में नीलाभ सक्सेना को आयुक्त नियुक्त किया गया है। वह प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तरदायी होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक के रूप में ललित कुमार की नियुक्ति की गई है। वह समाज के वंचित वर्गों के लिए चल रही योजनाओं की निगरानी करेंगे।
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में गौरव सैनी को सचिव बनाया गया है। राजधानी के शहरी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जोधपुर नगर निगम के आयुक्त के रूप में राहुल जैन को जिम्मेदारी दी गई है। वह सूर्य नगरी की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर काम करेंगे।
श्रम विभाग में महेंद्र खडगावत को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं नरेश कुमार गोयल को कृषि और पंचायती राज विभाग में आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। मानवाधिकार आयोग के सचिव के रूप में जयदेव सी एस की नियुक्ति हुई है। वह मानवाधिकारों के संरक्षण और आयोग के प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगे।
25 जिलों के नए कलेक्टरों की सूची
जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, जोधपुर में आलोक रंजन और उदयपुर में गौरव अग्रवाल को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। ये सभी अनुभवी अधिकारी हैं। बाड़मेर की कमान अब चिन्मय गोपाल संभालेंगे, जबकि प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी को कलेक्टर बनाया गया है। फलोदी में अंकित कुमार सिंह नए कलेक्टर होंगे।
बारां जिले में बालमुकुंद असावा और बीकानेर में निशांत जैन को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पाली में रविंद्र गोस्वामी, सिरोही में रोहिताश सिंह तोमर और बूंदी में हरफूल सिंह यादव को जिला कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है।
डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा, नागौर में देवेंद्र कुमार और करौली में अक्षय गोदारा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये जिले विकास की नई राह देखेंगे। दौसा जिले में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश और डूंगरपुर में देशल दान को कलेक्टर बनाया गया है। आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासनिक कसावट का उद्देश्य
सलूम्बर में मोहम्मद जुनेद पी पी, डीग में मयंक मनीष और कोटपूतली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। श्रीगंगानगर में अमित यादव और चित्तौड़गढ़ में डॉ. मंजू को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं और अधिकारियों को ज्वाइन करने को कहा गया है।
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के पीछे का मुख्य उद्देश्य जनहित की योजनाओं को तेजी से लागू करना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है। तबादला सूची जारी होने से पहले मुख्यमंत्री आवास पर लंबी बैठकें हुई थीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक अधिकारी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह फैसला लिया है।
1 अप्रैल से राजस्थान में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिनमें प्रशासनिक ढांचा भी शामिल है। यह फेरबदल उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नए कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में जाकर तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि आम जनता के काम बिना किसी देरी के हों। राजस्थान में इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्यों में गति आएगी और सरकारी मशीनरी अधिक सक्रियता से काम करेगी।
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