जयपुर | राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। सरकार ने मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मुहैया कराने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है।
अस्पतालों में बड़ा बदलाव: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में अब शाम को भी चलेगी OPD
मरीजों को कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, खुलेंगी नई फार्मेसी।
HIGHLIGHTS
- प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
- भारी भीड़ वाले अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए ईवनिंग ओपीडी शुरू होगी।
- अस्पतालों में जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी प्राथमिकता से खोली जाएंगी।
- गर्मी के मद्देनजर सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल अनिवार्य की गई।
संबंधित खबरें
मरीजों को मिलेगी लंबी कतारों से राहत
प्रदेश के बड़े अस्पतालों में अक्सर मरीजों की भारी भीड़ देखी जाती है। सुबह की ओपीडी में लंबी कतारों के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने इस समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन अस्पतालों में रोगी भार अधिक है, वहां ईवनिंग ओपीडी शुरू की जाए।
ईवनिंग ओपीडी शुरू होने से कामकाजी लोगों और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे सुबह के समय होने वाली भीड़ को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
संबंधित खबरें
जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी पर जोर
अस्पतालों में अब केवल इलाज ही नहीं, बल्कि सस्ती दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी को प्राथमिकता के साथ खोला जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि मरीजों को अस्पताल परिसर के भीतर ही सभी आवश्यक दवाएं मिल जाएं। इसके लिए दवा वितरण केंद्रों की संख्या भी आवश्यकतानुसार बढ़ाई जाएगी।
प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यक दवा सूची की सभी दवाएं हर हाल में उपलब्ध हों।
गर्मी और फायर सेफ्टी को लेकर सख्त निर्देश
भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे गंभीरता से लेते हुए गायत्री राठौड़ ने फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी के मानकों की कड़ाई से जांच की जाए। साथ ही, समय-समय पर मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाए ताकि स्टाफ तैयार रहे।
गर्मी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी न हो, इसके लिए अस्पतालों में छाया और ठंडे पानी का समुचित प्रबंध करने के लिए भी कहा गया है।
दवा भंडारण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
दवाओं के भंडारण को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि औषधि भंडार गृहों में दवाओं का भंडारण प्रोटोकॉल के अनुसार ही होना चाहिए।
भण्डारण में किसी भी तरह की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। औषधि भण्डार गृहों एवं दवा वितरण केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी अस्पताल में दवाएं अनावश्यक रूप से न पड़ी रहें। यदि कहीं अधिशेष दवाएं हैं, तो उन्हें जरूरत वाले अस्पतालों में भेजा जाएगा ताकि वे एक्सपायर न हों।
इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों का होगा बेहतर उपयोग
प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी और संसाधन उपलब्ध करवाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की भी समीक्षा की गई। जो उपकरण खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को निजी लैब न जाना पड़े।
यदि किसी अस्पताल में उपकरण जरूरत से ज्यादा हैं, तो उनकी जानकारी मुख्यालय को देनी होगी। इन अधिशेष उपकरणों को उन अस्पतालों में भेजा जाएगा जहां उनकी सख्त जरूरत है।
समय पर पूरे होंगे बजट घोषणा के काम
प्रमुख शासन सचिव ने बजट घोषणाओं को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी और आरएसआरडीसी जैसी निर्माण एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बिठाकर अधूरे प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा किया जाएगा। तकनीकी कारणों से रुके कार्यों का समाधान राज्य स्तर पर होगा।
आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने भी बैठक में भरोसा दिलाया कि दवाओं की दर संविदा का काम जल्द पूरा होगा। दवाओं के भंडारण के लिए एयर कंडीशनर जैसे संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे।
इन बदलावों से राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं एक नए स्तर पर पहुंचेंगी। ईवनिंग ओपीडी और दवाओं की सुगम उपलब्धता से आम आदमी को सरकारी सिस्टम पर भरोसा और मजबूत होगा।
*Edit with Google AI Studio