सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में नरेंद्र सिंह उर्फ चिंटूसिंह हत्याकांड को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
चिंटूसिंह हत्याकांड: परिवार भूख हड़ताल पर: चिंटूसिंह हत्याकांड: न्याय के लिए भूख हड़ताल पर परिवार
सिरोही में चिंटूसिंह हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित परिवार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा।
HIGHLIGHTS
- सिरोही के पोसालिया निवासी नरेंद्र सिंह उर्फ चिंटूसिंह हत्याकांड के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ।
- मृतक की मां, तीन बहनें और भाई सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
- घटना 7 मई की है, जब आरोपियों ने चिंटूसिंह को होटल बुलाकर लाठियों और हथियारों से जानलेवा हमला किया था।
- पुलिस ने अब तक केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी अरविंद सिंह सहित नौ आरोपी अभी भी फरार हैं।
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इस बड़े आंदोलन में राजपूत समाज सहित छत्तीसगढ़ कौम के लोग बड़ी संख्या में शामिल होकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समर्थन दे रहे हैं।
परिजनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
मामले को गंभीर होता देख मृतक चिंटूसिंह की मां, तीन बहनें और भाई जिला मुख्यालय पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि जब तक पुलिस सभी फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजती, तब तक उनका यह आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।
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धरना शुरू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच लंबी वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस आश्वासन न मिलने से बातचीत पूरी तरह बेनतीजा रही।
'दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रही है। हमें सिर्फ न्याय चाहिए और जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, हम भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।'
दोस्त ने ही रची थी खौफनाक साजिश
परिजनों के अनुसार, बीती 7 मई को चिंटूसिंह के पुराने दोस्त अरविंद सिंह ने उसे फोन कर खंदरा गांव के पास स्थित एक होटल पर बुलाया था।
चिंटूसिंह के वहां पहुंचते ही आरोपियों ने पहले उसकी गाड़ी को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया और फिर लाठियों व हथियारों से उस पर बेरहमी से हमला कर दिया।
इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल चिंटूसिंह ने अस्पताल में छह दिनों तक जिंदगी और मौत से कड़ा संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई।
पुलिस की ढीली कार्रवाई से आक्रोश
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चिंटूसिंह और मुख्य आरोपी अरविंद सिंह पहले बेहद गहरे दोस्त थे, लेकिन हाल ही में उनके बीच किसी बात को लेकर गहरा विवाद हो गया था।
घटना के दो महीने बाद भी पुलिस केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है, जबकि मुख्य आरोपी अरविंद सहित नौ हमलावर अब भी पुलिस की पकड़ से दूर घूम रहे हैं।
धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यह दर्दनाक मामला सिरोही में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां एक पीड़ित परिवार को न्याय पाने के लिए भूख हड़ताल जैसे कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं।
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