नई दिल्ली | भीषण गर्मी का मौसम आ चुका है और सूरज की तपिश अब धीरे-धीरे बर्दाश्त से बाहर होने लगी है। ऐसे में सेहत का ख्याल रखना और लू से बचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में हमारा खान-पान ही हमें बीमारियों से बचा सकता है।
गर्मी से बचने के बेस्ट डाइट टिप्स: तपती गर्मी और लू से बचने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें
भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है, जानें शरीर को ठंडा रखने वाले फूड्स।
HIGHLIGHTS
- गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए छाछ और लस्सी का सेवन सबसे अधिक फायदेमंद होता है।
- नारियल पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा कर लू के खतरे को कम करता है।
- दोपहर के भोजन में दही-चावल का सेवन पेट की गर्मी को शांत करने में मदद करता है।
- हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग दाल की खिचड़ी गर्मियों में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है।
संबंधित खबरें
भीषण गर्मी और लू का कहर
अप्रैल और मई का महीना आते ही उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में सूरज देवता अपने कड़े तेवर दिखाने लगते हैं।
दोपहर के समय घर से बाहर निकलते ही ऐसा महसूस होता है जैसे गर्म हवाएं शरीर को झुलसा देंगी, जिसे हम लू कहते हैं।
लू लगने के कारण लोगों में तेज बुखार, लगातार उल्टी, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर समस्याएं देखी जा रही हैं।
संबंधित खबरें
इस मौसम में शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे आंतरिक अंगों पर बुरा असर पड़ने की संभावना बनी रहती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लू से बचने के लिए केवल बाहरी सुरक्षा ही काफी नहीं है, बल्कि आंतरिक मजबूती भी जरूरी है।
शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए आपको अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ विशेष बदलाव करने की आवश्यकता होती है।
छाछ और लस्सी: गर्मी का रामबाण इलाज
जब भी तपती गर्मी की बात आती है, तो सबसे पहले मन में ठंडी छाछ और मीठी लस्सी का ख्याल आता है।
छाछ न केवल एक स्वादिष्ट पेय है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स हमारे पेट के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होते हैं।
दोपहर के समय एक गिलास छाछ में भुना हुआ जीरा और थोड़ा काला नमक मिलाकर पीने से पाचन शक्ति बेहतर होती है।
यह पेय शरीर में पानी की कमी को रोकता है और पसीने के जरिए निकलने वाले जरूरी लवणों की भरपाई करता है।
वहीं, यदि आपको मीठा पसंद है, तो ठंडी लस्सी आपके लिए ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत साबित हो सकती है।
लस्सी पीने से न केवल प्यास बुझती है, बल्कि यह शरीर को तुरंत ठंडक प्रदान कर थकान को भी दूर करती है।
आयुर्वेद में भी छाछ को 'धरती का अमृत' कहा गया है क्योंकि यह शरीर के पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है।
नारियल पानी: हाइड्रेशन का पावरहाउस
धूप में अधिक समय बिताने से शरीर का जरूरी नमक और पानी पसीने के माध्यम से बाहर निकल जाता है जिससे डिहाइड्रेशन होता है।
ऐसे में नारियल पानी किसी प्राकृतिक चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में पोटैशियम और कैल्शियम होता है।
नारियल पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहता है, जो लू के प्रभाव को कम करने में सहायक है।
यह एक शून्य कैलोरी वाला प्राकृतिक पेय है जो बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में कहीं अधिक स्वस्थ है।
दिन में कम से कम एक बार ताजे नारियल पानी का सेवन करने से त्वचा में भी चमक बनी रहती है और डिहाइड्रेशन नहीं होता।
विशेषकर उन लोगों के लिए यह बहुत उपयोगी है जिन्हें गर्मी के कारण बार-बार चक्कर आने या कमजोरी की शिकायत रहती है।
दही-चावल: पेट की शांति के लिए सर्वोत्तम
गर्मियों के दौरान अक्सर लोगों को भूख कम लगती है और भारी भोजन करने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है।
ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना इस मौसम में शरीर की आंतरिक गर्मी को बढ़ा देता है, जिससे बीमार होने का डर रहता है।
दोपहर के भोजन में दही-चावल का सेवन करना एक बहुत ही समझदारी भरा विकल्प है, जो पेट को ठंडक देता है।
दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया आंतों की सेहत को सुधारते हैं और चावल आसानी से पचने वाला कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है।
दक्षिण भारत में इसे 'कर्ड राइस' के नाम से जाना जाता है और वहां की गर्मी में यह सबसे मुख्य भोजन माना जाता है।
इसमें थोड़ा सा कड़ी पत्ता और राई का तड़का लगाकर इसे और भी स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बनाया जा सकता है।
खिचड़ी: हल्का और सुपाच्य आहार
अक्सर लोग खिचड़ी को केवल बीमारों का खाना समझते हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में यह एक आदर्श आहार है।
मूंग दाल और चावल से बनी पतली खिचड़ी खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और शरीर हल्का रहता है।
मूंग की दाल की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में काफी मदद करती है।
रात के खाने में खिचड़ी का सेवन करने से नींद भी अच्छी आती है और सुबह उठने पर पेट पूरी तरह साफ रहता है।
आप इसमें मौसमी सब्जियां जैसे लौकी या तोरई डालकर इसकी पोषण क्षमता को और भी अधिक बढ़ा सकते हैं।
प्याज का अद्भुत प्रयोग
भारतीय घरों में सदियों से यह माना जाता रहा है कि कच्चा प्याज खाने से लू नहीं लगती है और यह सच भी है।
कच्चे प्याज में क्वेरसेटिन नामक तत्व होता है जो गर्मी के प्रभाव को कम करने में एंटी-एलर्जिक की तरह काम करता है।
सलाद के रूप में नींबू और नमक के साथ कच्चा प्याज खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
गांवों में लोग आज भी बाहर निकलते समय अपनी जेब में एक छोटा प्याज रखते हैं, जो लू से बचाव का पारंपरिक तरीका है।
सत्तू: गरीबों का प्रोटीन और कूलेंट
बिहार और उत्तर प्रदेश में सत्तू का सेवन गर्मियों में बहुत लोकप्रिय है और अब इसे सुपरफूड माना जाने लगा है।
भुने हुए चने को पीसकर बनाया गया सत्तू पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और शरीर को अंदर से ठंडा करता है।
सत्तू का शरबत पीने से लू लगने की संभावना न के बराबर हो जाती है और यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
इसे नमक, नींबू और हरी मिर्च के साथ नमकीन शरबत के रूप में या गुड़ के साथ मीठे रूप में लिया जा सकता है।
मौसमी फलों की भूमिका
प्रकृति ने हमें हर मौसम के अनुसार फल दिए हैं और गर्मियों में मिलने वाले फल पानी से भरपूर होते हैं।
तरबूज, खरबूजा और ककड़ी जैसे फलों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं।
इन फलों का सेवन करने से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि विटामिन और मिनरल्स की कमी भी पूरी होती है।
याद रखें कि फल हमेशा ताजे ही खाएं और पहले से कटे हुए फलों को बाजार से खरीदकर खाने से परहेज करें।
आम पन्ना और बेल का शरबत
कच्चे आम से बना 'आम पन्ना' लू का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावी घरेलू इलाज माना जाता है जो बेहद स्वादिष्ट भी है।
यह विटामिन सी से भरपूर होता है और शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में जादुई तरीके से काम करता है।
इसी तरह बेल का शरबत पेट की गर्मी और कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए सबसे उत्तम प्राकृतिक पेय है।
बेल के गूदे में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो गर्मियों में होने वाली पेट की गड़बड़ियों को तुरंत ठीक करता है।
विशेषज्ञ की राय
गर्मियों में सही खान-पान ही लू के खिलाफ आपका सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए हाइड्रेशन पर ध्यान दें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए।
अत्यधिक चाय, कॉफी या शराब का सेवन करने से बचें क्योंकि ये चीजें शरीर को डिहाइड्रेट करने का काम करती हैं।
बाहर जाते समय हमेशा पानी की बोतल साथ रखें और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर ही धूप में निकलें।
निष्कर्ष
गर्मी का मौसम अपनी चुनौतियों के साथ आता है, लेकिन सही डाइट अपनाकर आप इसे सुखद बना सकते हैं।
ऊपर बताए गए खाद्यों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और चिलचिलाती धूप में भी खुद को सेहतमंद रखें।
*Edit with Google AI Studio