thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

तेल लूटने की मची होड़: टोंक में सरसों के तेल से भरे टैंकर में ट्रक ने मारी टक्कर, हजारों लीटर तेल लूटने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भारी भीड़

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राजस्थान के टोंक में नेशनल हाईवे 52 पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें सरसों के तेल से भरे टैंकर में छेद हो गया। देखते ही देखते सड़क पर तेल की नदियां बहने लगीं और ग्रामीण बर्तन लेकर तेल लूटने पहुंच गए।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान के टोंक में नेशनल हाईवे 52 पर ट्रक की टक्कर से सरसों के तेल का टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया।
  • हादसे के बाद टैंकर में 3 इंच का छेद होने से करीब 11 हजार लीटर महंगा सरसों का तेल सड़क पर बह गया।
  • तेल बहने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बाल्टी, पीपे और डिब्बे लेकर तेल लूटने के लिए मौके पर पहुंच गए।
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और टैंकर ड्राइवर ने काफी मशक्कत के बाद तेल के रिसाव को बंद किया।
tonk mustard oil tanker leak villagers loot oil rajasthan

टोंक | राजस्थान के टोंक जिले में शनिवार की सुबह एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने राहगीरों और स्थानीय प्रशासन को हैरत में डाल दिया। नेशनल हाईवे 52 पर सरसों के तेल से लबालब भरा एक टैंकर हादसे का शिकार हो गया।

यह घटना मेहंदवास थाना क्षेत्र के दाखिया गांव के पास हुई। शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने तेल के टैंकर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद टैंकर के पिछले हिस्से में करीब 3 इंच का एक बड़ा छेद हो गया।

जैसे ही टैंकर में छेद हुआ, उसमें से सरसों के तेल की मोटी धार फूट पड़ी। देखते ही देखते हाईवे पर तेल की नदियां बहने लगीं। करीब 100 से 150 मीटर तक सड़क पूरी तरह से पीले तेल से सराबोर हो गई।

गांवों में फैली खबर, मच गई लूट

सड़क पर तेल बहने की खबर जैसे ही आसपास के दाखिया और अन्य गांवों में फैली, वहां हड़कंप मच गया। लोग अपना सारा काम छोड़कर हाईवे की तरफ दौड़ पड़े। किसी के हाथ में प्लास्टिक की बाल्टी थी, तो कोई लोहे के पीपे लेकर आया।

ग्रामीणों के बीच तेल को अपने बर्तनों में भरने की होड़ मच गई। लोग हाईवे पर घुटनों के बल बैठकर तेल इकट्ठा करने लगे। राहगीरों ने भी अपनी गाड़ियां रोकीं और जो भी बर्तन मिला, उसमें तेल भरना शुरू कर दिया।

यह मंजर देखकर ऐसा लग रहा था मानो सड़क पर तेल नहीं, बल्कि सोना बह रहा हो। तेल की धार इतनी तेज थी कि लोगों के बर्तन मिनटों में भर रहे थे। हालांकि, इस दौरान हाईवे पर चिकनाई की वजह से काफी खतरा भी बना रहा।

ड्राइवर की आपबीती: 11 हजार लीटर का नुकसान

टैंकर के ड्राइवर धर्मेंद्र ने बताया कि वह कोटा से सरसों का तेल भरकर जयपुर की ओर जा रहा था। टैंकर में कुल 25 हजार लीटर सरसों का तेल भरा हुआ था। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उसे जबरदस्त टक्कर मार दी।

ड्राइवर ने बताया कि टक्कर लगते ही तेल तेजी से बाहर आने लगा। उसने तुरंत टैंकर रोका और रिसाव बंद करने की कोशिश की। लेकिन तेल की धार इतनी तेज थी और चारों तरफ इतनी चिकनाई थी कि छेद को बंद करना नामुमकिन लग रहा था।

धर्मेंद्र के अनुसार, जब तक वह कपड़ा ठूंसकर या किसी अन्य तरीके से छेद को बंद कर पाता, तब तक करीब 10 से 11 हजार लीटर तेल जमीन पर बह चुका था। यह नुकसान लाखों रुपये का बताया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा चिंताएं

हादसे की जानकारी मिलते ही मेहंदवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रामसिंह ने बताया कि पुलिस ने तुरंत भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस के आने के बाद ही ग्रामीण वहां से हटे और स्थिति सामान्य हो सकी।

पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं कराया गया है। हालांकि, पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ट्रक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिसने टैंकर को टक्कर मारी।

हाइवे पर तेल फैलने के कारण सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी। इससे अन्य वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया था। पुलिस ने सावधानी बरतते हुए यातायात को नियंत्रित किया ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो जाए।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर होने वाली लापरवाही और हादसों के बाद सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि हादसों के बाद लोग मदद करने के बजाय सामान लूटने में जुट जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेल के टैंकर से होने वाला रिसाव न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। टोंक की यह घटना सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोर रही है।

फिलहाल, टैंकर को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया गया है। ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट कंपनी अब कानूनी कार्रवाई और बीमा दावों की प्रक्रिया में जुटे हैं। सड़क को साफ करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं ताकि यातायात सुचारू हो सके।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें