उदयपुर | राजस्थान के झीलों की नगरी उदयपुर से एक बेहद डरावनी और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के सबसिटी सेंटर इलाके में रविवार की रात कुछ बेखौफ बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
उदयपुर: पटाखे की दुकान में आगजनी: उदयपुर में खौफनाक वारदात: पटाखे की दुकान में लगाई आग
उदयपुर के सबसिटी सेंटर में बदमाशों ने पटाखे की दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगाई, सीसीटीवी में कैद घटना।
HIGHLIGHTS
- उदयपुर के सबसिटी सेंटर में रविवार रात बदमाशों ने पटाखे की दुकान में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
- पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें आरोपी उमेश कनारिया पेट्रोल डालते दिख रहा है।
- दुकान में 50 लाख रुपये से अधिक के पटाखे रखे थे, जिससे बड़ा धमाका होने का खतरा बना हुआ था।
- आपसी रंजिश और पास में स्थित शराब की दुकान के कारण उपजे विवाद को घटना की मुख्य वजह बताया गया।
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बदमाशों ने आपसी रंजिश के चलते एक पटाखे की दुकान में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी कितनी बेरहमी से आग लगा रहे हैं।
सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात
रविवार की रात करीब 8:40 बजे का समय था। बाजार में चहल-पहल थोड़ी कम होने लगी थी। तभी तीन युवक दुकान के पास पहुंचे। इनमें से एक की पहचान उमेश कनारिया के रूप में हुई है।
उमेश के हाथ में पेट्रोल से भरी एक केन थी। उसने बड़ी ही शातिराना तरीके से दुकान के शटर और बाहरी हिस्से पर पेट्रोल उड़ेलना शुरू किया। उसके दो साथी पास में ही खड़े होकर निगरानी कर रहे थे।
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जैसे ही पेट्रोल छिड़का गया, मुख्य आरोपी ने माचिस जलाकर आग लगा दी। देखते ही देखते आग की लपटें तेजी से उठने लगीं। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी और उसके साथी मौके से फरार हो गए।
राहगीरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
आग धीरे-धीरे दुकान के काउंटर की तरफ बढ़ने लगी थी। गनीमत रही कि उसी समय वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों और पड़ोसी दुकानदारों की नजर उठती लपटों पर पड़ गई। लोगों ने तुरंत शोर मचाया।
दुकान मालिक लोकेश लालवानी को इसकी सूचना दी गई। आसपास के लोग तुरंत बाल्टियों में पानी और अन्य साधन लेकर दौड़े। सभी ने मिलकर आग बुझाने के प्रयासों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सबसे राहत की बात यह रही कि आग दुकान के भीतर रखे पटाखों तक नहीं पहुंच पाई। अगर ऐसा होता तो परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते थे।
50 लाख के पटाखों का था भारी स्टॉक
दुकान मालिक लोकेश लालवानी ने बताया कि उनकी दुकान में उस समय 50 लाख रुपये से ज्यादा के पटाखे भरे हुए थे। दीपावली का सीजन होने के कारण दुकान में पटाखों का स्टॉक काफी ज्यादा था।
लोकेश लालवानी ने कहा, "अगर आग जरा भी अंदर पहुंच जाती, तो लाखों के पटाखों में जोरदार विस्फोट होता। इससे न केवल मेरी दुकान, बल्कि पूरा इलाका दहल जाता और कई मासूमों की जान जा सकती थी।"
इस बाजार में एक दर्जन से ज्यादा पटाखे की दुकानें और गोदाम स्थित हैं। एक दुकान में लगी आग पूरे मार्केट को राख के ढेर में बदल सकती थी। इस घटना के बाद व्यापारियों में भारी रोष है।
शराबियों की रंजिश ने ली हिंसक शक्ल
इस पूरी वारदात के पीछे आपसी रंजिश की कहानी निकलकर सामने आ रही है। लोकेश लालवानी ने बताया कि उनकी दुकान के पास ही एक खाली प्लॉट है, जो पिछले कुछ समय से शराबियों का अड्डा बना हुआ है।
करीब चार महीने पहले ही इस इलाके में शराब की एक नई दुकान खुली है। इसके बाद से यहाँ दिन-रात असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। ये लोग अक्सर रात भर हुड़दंग मचाते हैं।
लोकेश ने कई बार इन लोगों को वहां बैठने और शोर मचाने से मना किया था। इसी बात को लेकर आरोपी उमेश कनारिया उनसे चिढ़ने लगा था। उसने बदला लेने के लिए इस खतरनाक साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने इस शराब के अड्डे और असामाजिक तत्वों के बारे में पुलिस को दर्जनों बार शिकायत की है। लेकिन पुलिस ने कभी कोई ठोस और सख्त कदम नहीं उठाया।
व्यापारियों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज इतनी बड़ी वारदात की नौबत नहीं आती। अब व्यापारी अपनी सुरक्षा और माल की हिफाजत को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं।
हिरणमगरी थाना पुलिस ने अब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने मौके से सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिए हैं। वीडियो में आरोपियों के चेहरे बिल्कुल साफ और स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की टीमें
थानाधिकारी रवीन्द्र चारण ने बताया कि आरोपियों की पहचान उमेश कनारिया और उसके साथियों के रूप में हुई है। पुलिस की विशेष टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर जगह-जगह दबिश दे रही हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
इलाके के व्यापारियों ने मांग की है कि ऐसे उत्पातियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई गंभीर घटना न हो।
उदयपुर के इस व्यस्त बाजार में पटाखों की इतनी बड़ी खेप के बीच ऐसी आगजनी की कोशिश ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन को अब इस दिशा में कड़े कदम उठाने होंगे।
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