मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: 10 दिनों में 5,000 से अधिक आवेदन: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: राजस्थान के युवाओं में भारी उत्साह, 10 दिनों में मिले 5,089 आवेदन
राजस्थान की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है। 10 दिनों में 5,000 से अधिक आवेदन आए।
जयपुर | राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। राज्य के युवाओं में इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिसका प्रमाण आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के मात्र 10 दिनों के भीतर प्राप्त हुए आंकड़ों से मिलता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 5,089 से अधिक युवाओं ने स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अपना पंजीकरण कराया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के एक लाख युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस ऋण पर लगने वाले ब्याज का शत-प्रतिशत पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा स्वयं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी और सीजीटीएमएसई शुल्क की प्रतिपूर्ति की सुविधा भी दी गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 जनवरी को इस योजना का विधिवत शुभारंभ किया था, जबकि ऑनलाइन आवेदन की खिड़की 22 जनवरी से खोली गई थी। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि प्राप्त आवेदनों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और जल्द ही इन्हें ऋण स्वीकृति के लिए संबंधित बैंकों को प्रेषित किया जाएगा।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी जयपुर 385 आवेदनों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद चूरू, बीकानेर, टोंक और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में भी 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रदेश के 19 अन्य जिलों में भी आवेदन का आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है। पात्रता की बात करें तो 8वीं से 12वीं पास युवा इसके लिए पात्र हैं, जबकि उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वालों को प्राथमिकता और अतिरिक्त लाभ दिए जा रहे हैं। इच्छुक युवा अपनी एसएसओ आईडी या ई-मित्र के माध्यम से आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल बेरोजगारी कम करने में सहायक होगी, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।