दूसरे राज्यों से आएंगे विधायक: राजस्थान में भाजपा की सीट टू सीट और मैन टू मैन मार्किंग की तैयारी, बनाए जाएंगे रिपोर्ट कार्ड
विधायकों की ये ग्राउंड रिपोर्ट विधानसभा चुनावों में टिकट देने और टिकट काटने का आधार बन सकती है। ऐसे में केन्द्रीय नेतृत्व ने पहले से ही इन सीटों पर विधायकों को विशेष फोकस करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
जयपुर | Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव न सिर्फ राजस्थान के भाजपा नेताओं के लिए बल्कि पार्टी आलाकमानों के लिए भी बेहद ही कठिन होते जा रहे हैं।
प्रदेश के कांग्रेस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनावों से पहले जनता को लुभाने के लिए लगातार फ्री सौगातों की बौछार करने में लगे हुए हैं और साफतौर पर कांग्रेस की सरकार रिपीट होने का ऐलान कर रहे हैं।
ऐसे में भारतीय जनता पार्टी इन चुनावों में पिछली गलतियां दौहराने के मूड में नहीं है और फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं।
जहां पार्टी ने एमपी और छत्तीसगढ़ में अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी भी कर दी है, लेकिन राजस्थान में अभी ऐसा नहीं कर पार रही है।
दूसरे राज्यों के विधायक मौजूदा विधायकों की रिपोर्ट करेंगे तैयार
इसी बीच अब पार्टी ने दूसरे राज्यों के विधायकों को राजस्थान की 200 सीटों पर मौजूदा विधायकों और प्रत्याशियों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
ये लोग ग्राउंड पर जाकर मौजूदा विधायक अथवा विधानसभा प्रत्याशी से संवाद करेंगे।
इसकी जिम्मेदारी भाजपा शासित 5 राज्यों के विधायकों को सौंपी गई है।
यह विधायक 7 दिन का कैंप करेंगे और इन सात दिनों का फीडबैक केन्द्रीय नेतृत्व को सौपेंगे।
ऐसे में माना जा रहा है कि विधायकों की ये ग्राउंड रिपोर्ट विधानसभा चुनावों में टिकट देने और टिकट काटने का आधार बन सकती है।
ऐसे में केन्द्रीय नेतृत्व ने पहले से ही इन सीटों पर विधायकों को विशेष फोकस करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
जीत दर्ज कराने वाले को ही मिलेगा टिकट
माना जा रहा है कि इस बार बीजेपी बड़े पैमाने टिकटों में बदलाव कर सकती हैं।
कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं साथ ही जिन विधायकों की सर्वे रिपोर्ट नेगेटिव पाई जाती है तो उन्हें भी टिकट से हाथ धोना पड़ेगा।
पार्टी इस बार जीत दर्ज कराने वाले उम्मीदवारों का ही चयन करेगी और उन्हें ही टिकट दिया जाएगा।