Highlights
- डिप्टी सीएम ने शिक्षा को समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य बताया।
- मनरेगा में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की गई।
- बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों को आत्मसात करने की अपील की।
- समाज की 60 प्रतिभाओं और 80 आजीवन सदस्यों को सम्मानित किया गया।
दौसा | राजस्थान के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने दौसा में आयोजित एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने बैरवा समाज शिक्षा एवं सामाजिक विकास समिति द्वारा आयोजित स्नेह मिलन और प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित किया।
शिक्षा और सर्वांगीण विकास
डिप्टी सीएम ने कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिससे समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है और उन्नति के लिए यह अनिवार्य है।
उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। डॉ. बैरवा ने बाबा साहब के मंत्र शिक्षित बनो और संगठित रहो को जीवन में उतारने की बात कही।
डॉ. अम्बेडकर का योगदान
डॉ. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव के अंत और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा है। डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका महान जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।
लोकतांत्रिक चेतना से दीप्त उनके विचारों को आत्मसात करना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अम्बेडकर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
मनरेगा और सरकारी सुधार
डिप्टी सीएम ने मनरेगा योजना के बदलते स्वरूप और इसमें किए गए सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब इस योजना के माध्यम से श्रमिकों को पहले से अधिक दिनों का रोजगार मिल रहा है।
कांग्रेस शासन की कमियों को दूर कर अब इसे अधिक प्रभावी बनाया गया है। सरकार का मुख्य ध्येय हर हाथ को काम और हर परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है।
प्रतिभा सम्मान और प्रोत्साहन
समारोह के दौरान समाज के 80 आजीवन सदस्यों और 60 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इन सभी को प्रमाण पत्र देकर उनकी शैक्षणिक और सामाजिक उपलब्धियों की सराहना की गई।
डिप्टी सीएम ने अंत में कहा कि समाज के किसी भी व्यक्ति को समस्या हो तो वे सीधे उनसे मिल सकते हैं। उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई।
राजनीति