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राजस्थान

फसल बीमा में फर्जीवाड़ा: बीकानेर में फसल बीमा घोटाला, किसान के नाम पर लाखों हड़पे

महेन्द्रसिंह शेखावत

बीकानेर में एक किसान ने सहकारी समिति पदाधिकारियों पर उसकी जमीन पर फर्जी फसल बीमा कराकर लाखों रुपए का क्लेम हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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HIGHLIGHTS

  • बीकानेर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।किसान की 28.52 हेक्टेयर भूमि पर बिना सहमति के फर्जी बीमा पॉलिसी कराई गई।सहकारी समिति अध्यक्ष समेत कई लोगों पर लाखों का क्लेम हड़पने का आरोप है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बीकानेर | बीकानेर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक बड़े और कथित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। हजारों किसानों के नाम पर फसल बीमा के फर्जी क्लेम उठाए जाने के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं।

इसी कड़ी में एक किसान ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना ही उसकी जमीन पर फर्जी बीमा पॉलिसियां कराकर लाखों रुपए की राशि हड़प ली गई।

किसान की जमीन पर फर्जीवाड़े का खेल

मामला जसरासर थाना क्षेत्र के बगसेऊ गांव का है। यहां के निवासी 60 वर्षीय भीखनाथ पुत्र खेराजनाथ सिद्ध ने सहकारी समिति के पदाधिकारियों सहित कई लोगों के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया है।

शिकायत के अनुसार, उनकी संयुक्त खातेदारी की 28.52 हेक्टेयर कृषि भूमि पर यह फर्जीवाड़ा किया गया। यह भूमि खेत खाता संख्या 115 के विभिन्न खसरा नंबरों में स्थित है।

बिना सहमति के कराई गईं बीमा पॉलिसियां

परिवादी भीखनाथ ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कैलाशनाथ, सोहननाथ, उनकी माता रूखमा तथा दूदावास निवासी प्रकाशचंद्र सारण और उसके पुत्र तिलोक सारण ने मिलीभगत की।

आरोप है कि इन लोगों ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच उनकी जानकारी के बिना ही उनकी जमीन पर फसल बीमा करवा लिया और क्लेम की राशि हड़प ली।

सहकारी समिति के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी कैलाशनाथ बगसेऊ सहकारी समिति का अध्यक्ष है, जबकि प्रकाशचंद्र सारण और तिलोक सारण समिति से व्यवस्थापक के रूप में जुड़े हुए हैं।

किसान ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसकी भूमि के अलग-अलग खसरों पर फर्जी तरीके से बीमा पॉलिसियां कराईं।

इसके बाद बीमा क्लेम की राशि कथित रूप से आरोपियों और उनके परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। शिकायत में कुछ पॉलिसियों और राशि का भी जिक्र है, जिसमें लाखों रुपए दूसरे खातों में भेजे गए।

फर्जी बटाईदार दिखाकर उठाया क्लेम

परिवादी ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी जमीन कभी किसी को काश्त या बटाई पर नहीं दी। इसके बावजूद, आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

इन दस्तावेजों में यह दर्शाया गया कि उसकी भूमि पर बटाईदार द्वारा खेती की जा रही है। इसी आधार पर फसल बीमा पॉलिसियां कराकर क्लेम राशि हड़प ली गई। शिकायत में कुछ पटवारियों से मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3) और 340(2) शामिल हैं।

मामले की जांच जसरासर थानाधिकारी राकेश स्वामी के नेतृत्व में शुरू की गई है। पुलिस अब बीमा पॉलिसियों, बैंक खातों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

बैंक खाते से भी छेड़छाड़ का आरोप

परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों में उसकी जानकारी के बिना एक मोबाइल नंबर लिंक कर दिया गया। आरोप है कि इसी नंबर के माध्यम से राशि का लेन-देन किया गया।

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