बीकानेर |जिले की सात नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव के मतदान कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश पर यह फैसला लिया है, जिससे चुनावी तैयारियों में भी फेरबदल होगा।
मतदान की तारीखें बदलीं: बीकानेर: 7 नगरीय निकायों में मतदान की तारीख बदली
राज्य निर्वाचन आयोग ने बीकानेर की 7 नगरीय निकायों में मतदान की तारीखें बदल दी हैं। नगर निगम में 9 सितंबर और छह नगर पालिकाओं में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।
HIGHLIGHTS
- बीकानेर की 7 नगरीय निकायों में मतदान की तारीखों में बदलाव किया गया है।
- बीकानेर नगर निगम में अब 11 सितंबर के बजाय 9 सितंबर को मतदान होगा।
- जिले की छह नगर पालिकाओं में 9 सितंबर की जगह 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।
- बीकानेर के अलावा पाली और सीकर में भी मतदान की तिथियों में संशोधन हुआ है।
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बीकानेर में मतदान की नई तारीखें
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए कार्यक्रम के अनुसार, बीकानेर नगर निगम में मतदान की तारीख बदल दी गई है।
पहले यहां 11 सितंबर को मतदान होना था, लेकिन अब यह दो दिन पहले यानी 9 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
छह नगर पालिकाओं में दो दिन बाद मतदान
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वहीं, जिले की छह अन्य नगर पालिकाओं में मतदान की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है।
इनमें नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, खाजूवाला, लूणकरणसर और नापासर शामिल हैं। यहां पहले 9 सितंबर को मतदान होना था, जो अब 11 सितंबर को होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
आयोग ने यह बदलाव विभिन्न मेलों, तीज-त्योहारों और धार्मिक यात्राओं को ध्यान में रखते हुए किया है।
इसके अलावा, कई सामाजिक संगठनों ने भी मतदान की तारीखों में बदलाव की मांग की थी, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया।
पाली और सीकर में भी हुआ बदलाव
बीकानेर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों में संशोधन किया गया है।
पाली में पर्युषण महापर्व का असर
पाली नगर निगम में भी मतदान की तारीख बदली गई है। यहां 9 सितंबर को प्रस्तावित मतदान अब 11 सितंबर को होगा।
यह निर्णय जैन समाज के पर्युषण महापर्व को देखते हुए लिया गया है, ताकि लोगों को मतदान में कोई असुविधा न हो।
सीकर में भी स्थानीय कारण
इसी प्रकार, सीकर जिले की फतेहपुर नगर परिषद के मतदान कार्यक्रम में भी संशोधन किया गया है।
आयोग ने यहां की स्थानीय परिस्थितियों और विभिन्न आयोजनों को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम में यह बदलाव किया है।
चुनाव तैयारियों पर पड़ेगा असर
मतदान की संशोधित तारीखों के ऐलान के बाद अब संबंधित जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा चुनावी तैयारियों को नए कार्यक्रम के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा।
आयोग के इस फैसले से यह भी सुनिश्चित होगा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के कारण मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह का व्यवधान न आए।
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