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राजनीति

पेपरलीक पर सियासी संग्राम: पेपरलीक पर BJP का हल्लाबोल, राठौड़ बोले- विपक्ष का षड्यंत्र

Pradeep Beedawat

जयपुर में भाजपा ने पेपरलीक पर राहुल गांधी के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे कांग्रेस का सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताया।

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HIGHLIGHTS

  • जयपुर में भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
  • प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पेपर लीक आंदोलन को कांग्रेस का सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
  • राठौड़ ने आरोप लगाया कि पत्थरबाजी के लिए कश्मीर और बिहार से भाड़े के लोगों को बुलाया गया।
  • भाजपा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा में सुधार के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
bjp protest in jaipur against rahul gandhi on paper leak issue

जयपुर | नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने और संसद की कार्यवाही बाधित करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को जयपुर में एक विशाल प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी के खिलाफ भी था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में, पार्टी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

विपक्ष का आंदोलन या राजनीतिक षड्यंत्र?

भाजपा के विशाल विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पेपर लीक के नाम पर विपक्ष द्वारा चलाया गया आंदोलन छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था।

उन्होंने दावा किया कि जब अस्पतालों में भर्ती घायल लोगों की जानकारी ली गई, तो उनमें कोई भी छात्र नहीं मिला।

बाहर से बुलाए गए पत्थरबाज

राठौड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने पत्थरबाजी करने के लिए कश्मीर और बिहार से भाड़े के टट्टुओं को बुलाया था। उनका उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना था।

उन्होंने आगे कहा, "इतना ही नहीं, आंदोलन में पाकिस्तान जिंदाबाद, अफजल के समर्थन में नारे और देश विरोधी नारे लगाए गए। धार्मिक स्थलों के विरोध में भी बोला गया।"

राठौड़ ने जोर देकर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का सच जनता के सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जयपुर में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस नेतृत्व को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का स्मरण कराने के लिए सांकेतिक रूप से आयोजित किया गया था।

लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन

मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष द्वारा धरना देना भारतीय संसदीय परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंदोलन के दौरान मीडिया की महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लीलता की गई, जिसकी भाजपा घोर निंदा करती है। राठौड़ ने कहा, "लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर इस प्रकार की अशोभनीय घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।"

संवाद के बजाय टकराव का रास्ता

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है, जबकि कांग्रेस और विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए सदैव तैयार रही है, लेकिन विपक्ष ने संवाद के बजाय टकराव का रास्ता चुना, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान क्यों हैं निशाने पर?

मदन राठौड़ ने विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के पीछे के कारणों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "जब से धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने, उन्होंने शिक्षा पद्धति में सुधार लाने का काम किया। हमारे महान व्यक्तित्व का सम्मान करने का काम किया।"

शिक्षा में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद

राठौड़ ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों तथा लोकनायकों को उचित स्थान देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा, "पहले हमारे देश में अकबर महान पढ़ाया जाता था, धर्मेन्द्र प्रधान ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, तेजाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, देवनारायण को पढ़ाने का काम किया है।"

राठौड़ ने आरोप लगाया कि विपक्ष को लगता है कि यह तो शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन कर देंगे और यहां सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पैदा हो जाएगा। इसी सोच के तहत उन्हें हटाने के लिए विदेशों में धन एकत्रित किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच में सब सच सामने आ जाएगा।

कांग्रेस को दिखाया आईना

राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अशोक गहलोत को सोचना चाहिए कि जब वह मुख्यमंत्री थे तब 17 बार पेपरलीक हुआ, दो बार यूनिवर्सिटी के पेपर लीक हो गए। कुल मिलाकर जब 19 पेपरलीक हुए तो क्यों नहीं अशोक गहलोत ने इस्तीफा दिया।"

उन्होंने सवाल किया कि उस समय के शिक्षा मंत्री डोटासरा ने त्यागपत्र क्यों नहीं दिया। राठौड़ ने कहा कि अब वे किस मुंह से इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें विचार करना चाहिए और एक बार अपनी गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल हुए प्रमुख नेता

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रदेश कार्यालय में भाजपा संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने आमजन और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का उल्लंघन कर रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, भूपेंद्र सैनी, मिथिलेश गौतम, प्रदेश मंत्री नारायण मीणा, डॉ अजीत मांडण, डॉ अपूर्वा सिंह, एकता अग्रवाल, सीताराम पोसवाल, भाजपा कार्यालय सचिव मुकेश पारीक, विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमावत, और अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती सहित कई जिला अध्यक्ष, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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