’बृजभूषण सिंह’ राजनीति का बेहद चर्चित चेहरा हैं। उन्हें काफी आक्रामक नेता माना जाता है। ऐसे में वे अपनी खतरनाक बयानबाजी के लिए चर्चा में बने रहते हैं।
बृजभूषण सिंह भारतीय जनता पार्टी की ओर से न केवल लगातार 6 बार से सांसद रहे हैं बल्कि वे 11 साल से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी हैं।
बृजभूषण सिंह के रूतबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, जब 1996 में बृजभूषण सिंह टाडा के तहत तिहाड़ जेल में बंद थे, तब इनकी पत्नी केतकी सिंह ने गोंडा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और सिंह के जेल में बंद होने के बावजूद भी कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद सिंह को 80,000 वोटों से जबरदस्त मात दी।
बृजभूषण सिंह केवल राजनीति में ही सक्रिय नहीं है बल्कि एक बड़े कारोबारी भी माने जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके 50 से ज्यादा स्कूल-कॉलेज चलते हैं जिनके वे मालिक हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक बृजभूषण सिंह के पास करीब 10 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है।
पहले छात्र राजनीति में परचम और बाद में जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बृजभूषण जनता में इतने काफी लोकप्रिय नेता बन गए कि जनता उन्हें पद से हटाने को ही तैयारी नहीं होती।
कैसे पहुंचे तिहाड़ जेल?
क्षेत्र की जनता में इतने लोकप्रिय होने के बावजूद बृजभूषण सिंह आखिर तिहाड़ जेल कैसे पहुंच गए? दरअसल, बृजभूषण पर अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़े होने के आरोप लगे और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों के चलते सिंह के खिलाफ टाडा का मामला दर्ज किया गया। जिसके चलते उन्हें तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा। हालांकि, बाद में उन्हें इन सभी आरोपों से बरी कर दिया।
पहलवान को मंच पर दे मारा थप्पड़
बृजभूषण सिंह के कई ऐसे जबरदस्त किस्से हैं जो उनके काफी आक्रामक होने का सबूत भी देते हैं। एक बार कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने रांची में अंडर-15 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में मंच पर ही एक पहलवान को थप्पड़ दे मारा था, क्योंकि, पहलवान की उम्र ज्यादा थी और वह बृजभूषण के कॉलेज के नाम पर प्रतियोगिता में शामिल होना चाहता था।