पालीवाल ने कहा कि पूरा देश जान रहा है कि मणिपुर के हालात कैसे हैं उसके बावजूद भी प्रधानमंत्री संसद में कहते हैं कि मणिपुर में बंद और ब्लॉकेड बीते दिनों की बात हो चुकी है।
10 अगस्त को चर्चा का मुख्य मुद्दा मणिपुर था जबकि प्रधानमंत्री ने शुरू के लगभग 1 घंटे तक पिछली सरकारों की कमियों को गिनाया।
इतना ही नहीं अपने भाषण में पीएम मोदी ने कई गलत तथ्य भी पेश किए जिनमें उन्होंने कहा कि अगरतला उनके कार्यकाल में ही पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ा है।
जबकि सच्चाई ये है कि अगरतला वर्ष 2008 में रेलवे मैप पर आ गया था और रेल से जुड़ गया था लेकिन मीटरगेज ट्रैक का ब्रॉडगेज ट्रैक में कन्वर्जन वर्ष 2016 में हुआ है।
नवीन पालीवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने एक और दावे में कहा कि मिजोरम में इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन बीजेपी कार्यकाल में खुला है, जबकि सच्चाई ये है कि 3 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आइजोल में अखिल भारतीय जन संचार संस्थान का नहीं बल्कि संस्थान की नई इमारत का उद्घाटन किया था। संस्थान का उद्घाटन 8 अगस्त 2011 को हो चुका था।
केजरीवाल यूं ही नहीं कहते प्रधानमंत्री को पढ़ा लिखा होना चाहिए
आप के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री यूं ही नहीं कहते कि देश के प्रधानमंत्री को पढ़ा लिखा होना चाहिए।
यही कारण है कि जब अरविंद केजरीवाल जी काम करते हैं तो उसका हिसाब भी सही से रखते हैं जबकि बीजेपी वाले भाषण में कुछ बोलते हैं, वादे कुछ करते हैं और जब काम नहीं कर पाते तो कह देते हैं कि वो तो चुनावी जुमला था।
दरअसल केंद्र सरकार और बीजेपी यही चाहती है कि वो जहां चाहें झूठ बोले लेकिन उनके खिलाफ कोई आवाज़ उठाने वाला न हो।
यही वजह है जो केंद्र सरकार लगातार आम आदमी पार्टी की आवाज को दबा रही है।
वो शायद भूल गए हैं कि आम आदमी पार्टी की आवाज को केंद्र सरकार संसद से बाहर तो कर सकती है लेकिन देश की जनता के बीच बोलने से नहीं रोक सकती।
आप राजस्थान के अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में भी आम आदमी पार्टी का संगठन पूरी ताकत से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है और पार्टी के प्रदेश प्रभारी विनय मिश्रा के निर्देशन में कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच जाकर बीजेपी की नाकामियां और कारगुज़ारियां बता रहे हैं।
पालीवाल ने कहा कि राजस्थान की जनता सुख शांति की पक्षधर है इसलिए जनता नहीं चाहती है कि उनका प्रतिनिधि ऐसे दल से हो जो लोगों के बीच झूठ बोलकर सत्ता हथियाए या फिर माहौल खराब करके सत्ता की कुर्सी पर बैठे।
इसलिए जनता का रुख आम आदमी पार्टी के प्रति सकारात्मक देखा जा रहा है। आने वाले समय में राजस्थान में आम आदमी पार्टी की सरकार होगी और प्रदेश तेजी के साथ तरक्की के ट्रैक पर बड़ी ही खुशहाली के साथ दौड़ेगा।