जयपुर के कालवाड़ इलाके से गिरफ्तार शक्ति सिंह ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि राजू ठेहट की हत्या एक लड़की के इशारे पर की गयी है और वह लड़की कोई और नहीं ,राजू ठेहट के विरोधी रहे आनदपाल सिंह की बेटी चीनू है।
पुलिस ने चीनू का सीधे तौर पर अभी नाम नहीं बताया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह लड़की चीनू ही है और अपने पिता पर बीकानेर जेल में फायरिंग और बलवीर बानूड़ा की इस हमले में मौत का बदला लेने के लिए ही उसने राजस्थान में मौजूद आनंद पाल गैंग के सहयोगियों की मदद से इस साजिश को अंजाम दिया।
जून 2017 में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर आनंद पाल की बड़ी बेटी चीनू दुबई में रहती है ,जबकि छोटी बेटी योगिता उसके पैतृक गाँव सांवराद में रहती है। इस विवादित एनकाउंटर से पहले ही पढाई के लिए चीनू दुबई चली गयी थी।
पिता के एनकाउंटर में निधन के बावजूद चीनू उस वक्त भारत नहीं लौट पायी ,क्योंकि पुलिस हिरासत से पिता को फरार कराने समेत कई मामलों में चीनू पुलिस में वांछित थी और पिता की अंत्येष्टि में भारत आने पर उसे गिरफ्तारी का खतरा था।
शक्ति सिंह से पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक राजू ठेहट की हत्या की साजिश कोई साल भर पहले रची गयी और चार दफा प्लान फेल होने के बाद पांचवी बार में राजू ठेहट को मारने में हत्यारे कामयाब रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुभाष बराल के साथ मिलकर चरणजीत उर्फ़ चीनू ने साजिश रची और लॉरेंस विश्नोई गैंग से सम्पर्क किया था।
राजू ठेहट की हत्या के बाद उसी की गैंग का सदस्य विजय भार्गव निशाने पर थी। शक्ति सिंह और विजय भार्गव एक ही गाँव -रानोली-सीकर के रहने वाले हैं। दोनों के बीच कई साल से दुश्मनी है। 2018 में सहक्ति और उसके साथियों ने भार्गव पर फायरिंग की थी ,लेकिन वह बच गया था। इसी मामले में शक्ति सिंह को जेल भी हुई थी।
शक्ति सिंह से हुई पूछताछ से यह भी पता चला है कि लॉरेंस गैंग के रोहित गोदारा ने ही हथियारों की व्यवस्था की थी। इस खुलासे के बाद अब सीकर पुलिस हत्या से जुड़े दुबई कनेक्शन का खुलासा करने और इंटरपोल की मदद से रोहित गोदारा और छीनूँ को भारत लाने के उपाय में जुट गयी है।