’आप’ के प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल ने ‘राजस्थान मृत शरीर के सम्मान का विधेयक’ को लेकर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान की बेलगाम अफसरशाही के लिए जवाबदेही कानून की सख्त जरूरत है, लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राजस्थान मृत शरीर सम्मान का विधेयक लेकर आई है।
पालीवाल ने कहा कि आज प्रदेश की बेलगाम अफसरशाही के कारण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
सीएम अशोक गहलोत अफसरशाही पर लगाम और अपराध पर रोक लगाने की बजाय जनता की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं।
मृत शरीर का सम्मान हो इससे आम आदमी पार्टी को कोई एतराज नहीं है लेकिन सरकार जनता की आवाज को दबाने और जवाबदेही कानून से बचने के लिए इस तरह के कानून का इस्तेमाल कर रही है।
पालीवाल ने कहा कि सदन में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कह रहे हैं कि 2018 के बाद शव रखकर 306 विरोध प्रदर्शन हुए तो फिर शांति धारीवाल ये भी बताएं कि सरकार और प्रशासन की हठधर्मिता के कारण कितने विरोध प्रदर्शन हुए ?
अगर सरकार जवाबदेही कानून ले आती तो पूर्ववर्ती सरकार में जिन विरोध प्रदर्शनों की संख्या 82 थी वो बढ़कर 306 नहीं होती।
गहलोत सरकार चाहती ही नहीं कि जवाबदेही कानून बने क्योंकि अगर जवाबदेही कानून बना तो कई बड़े अफसर इसकी ज़द में आएंगे।