इस संबंध में उदयपुर एसपी ने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भड़काऊ और विवादित बयान को लेकर उन पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अलावा पंडित देवकीनंदन ठाकुर और पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज भी मौजद रहे।
तीनों संतों ने समाज को संगठित होने, जाति-पाति खत्म करने, सनातन परंपराओं का पालन करने, रोज मंदिर जाने और हनुमान चालीसा का पाठ करने का आह्वान किया।
दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरूवार को उदयपुर के गांधी मैदान में आयोजित हुई एक धर्मसभा लोगों से आह्वान करते हुए कहा था कि राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ किले में जो हरे झंडे लगे हैं, वहां भगवा झंडा लगाओ।
जिसके बाद उदयपुर पुलिस ने इस बयान को धार्मिक हिंसा भड़काने वाला बयान माना है और उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री यहीं तक नहीं रूके थे उन्होंने सभा में उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भी बयान देते हुए कहा कि एक कन्हैयाल धोखे से चला गया। अब घर-घर कन्हैया बैठा है।
क्या कहा था पंडित शास्त्री ने?
दरअसल, धर्मसभा में अपने संबोधन के दौरान बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि डरते तो हम किसी के बाप से नहीं। डरते तो वो हैं जो बुझदिल हैं। हम तो वो हैं जो कुंभलगढ़ किले में ही भगवा झंडा लगवाकर मानेंगे।