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राजस्थान

सिरोही के जावाल नगर पालिका में फर्जी पट्टे का मामला छाया , पट्टे पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

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जावाल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने बरलूट पुलिस थाने में एक फर्जी पट्टे को लेकर मामला दर्ज करवाया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 जावाल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और हाल राजस्व निरीक्षक नगर पालिका शिवगंज के महेंद्र कुमार पुरोहित ने बरलूट पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 नवंबर 2022 से 19 फरवरी 2024 तक अधिशासी अधिकारी नगर पालिका जावाल के पद पर कार्यरत थे |
case of fake lease in jawal municipality of sirohi allegations of fake signature on the lease
सिरोही के जावाल नगर पालिका में फर्जी पट्टे का मामला छाया

सिरोही | जावाल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने बरलूट पुलिस थाने में एक फर्जी पट्टे को लेकर मामला दर्ज करवाया है। जिसकी रिपोर्ट में यह बताते हुए कहा है की उनके जिसने अभी प्लाट पर कब्जा किया हुआ है उन्हें फर्जी हस्ताक्षर करके पट्टा जारी किया गया है। जारी किए गए ऐसे पट्टे का नगर के दस्तावेजों कही भी आंखलं नहीं और पत्रावली में मौजूद नहीं है। तो साफ नजर आता है की यह फर्जी पट्टा जारी किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जावाल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और हाल राजस्व निरीक्षक नगर पालिका शिवगंज के महेंद्र कुमार पुरोहित (mahendra kumar purohit) ने बरलूट पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 नवंबर 2022 से 19 फरवरी 2024 तक अधिशासी अधिकारी नगर पालिका जावाल (jawal) के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ-साथ अलग-अलग कानूनों में पट्टे भी जारी किए थे। अंतिम पट्टा उन्होंने स्टेट गार्ड एक्ट के तहत पट्टा संख्या 158 6 अक्टूबर 2030 को जारी किया था। उसके बाद राजस्थान विधानसभा चुनाव के आचार संहिता लगने के कारण कोई पट्टा जारी नहीं किया। 

इसी दौरान उनका स्थानांतरण शिवगंज (shivganj) नगर पालिका में हो गया। 8 मई को नगर पालिका जावाल (jawal)  के अधिशासी अधिकारी का पत्र मिला। जिसमें विकास पुत्र मोहनलाल माली निवासी जावाल को पट्टा जारी संख्या 355 दिनांक 13 अक्टूबर 2023 पर अध्यक्ष और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। जिस पर उन्होंने नगर पालिका जावाल जाकर रिकॉर्ड का अवलोकन किया, तो उन्हें पता चला कि उक्त पट्टे की पत्रावली और अन्य दस्तावेज नगर पालिका जावाल में दर्ज नहीं है और पट्टे पर किए हस्ताक्षर भी फर्जी और कूटरचित हैं। उक्त पट्टा ना तो उन्होंने जारी किया और ना ही उस पट्टे पर हस्ताक्षर कभी किए हैं। 

रिपोर्ट में बताया कि विकास (vikash) पुत्र मोहनलाल (mohanlal) ने फर्जी हस्ताक्षर कर पट्टा तैयार किया है। बरलूट पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी जांच सब इंस्पेक्टर भैरूराम जाट (bhairuram jat) को सौंपी है।

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