चित्तौड़गढ़ | राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। निर्दलीय विधायक से भाजपा में लौटे चंद्रभान सिंह आक्या और सांसद सीपी जोशी के गुटों के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। हाल ही में हुई 6 मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति ने इस आग में घी डालने का काम किया है, जिससे पार्टी के भीतर दो फाड़ की स्थिति पैदा हो गई है।
मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर गहराया विवाद
विवाद की मुख्य जड़ चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के 6 मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति है। असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इन नियुक्तियों में नियमों और मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार किया गया है। आरोप है कि नियुक्त किए गए 6 में से 5 अध्यक्ष विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के खेमे के हैं। इस पक्षपातपूर्ण निर्णय से सांसद सीपी जोशी के समर्थक काफी नाराज हैं। विरोध जताने के लिए असंतुष्ट धड़े ने एक गुप्त बैठक भी की, जिसमें रणनीति लीक होने से बचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन बाहर एक थैले में रखवा दिए गए थे।